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अफसरों के खिलाफ झांसी के विधायकों में भरा है गुबार

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झांसी। कुछ अफसरों के खिलाफ विधायकों में गुबार भरा हुआ है, जो शनिवार को गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत के पुलिस के खिलाफ थाने में धरने के दौरान सामने आया। हालांकि, इससे पहले भी कई मौकों पर विधायक अफसरों की शिकायत मंत्रियों से कर चुके हैं, परंतु कार्रवाई सुधार के निर्देश तक सीमित रह गई। लेकिन, अब विधायक के धरने की गूंज शासन तक में सुनाई दी है। पंचायत चुनाव के बाद कुछ अफसरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार है और जिले के चारों विधानसभाओं की नुमाइंदगी भाजपा के ही विधायक कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के पदाधिकारी - कार्यकर्ताओं हों या आम आदमी, सभी को विधायकों से ही उम्मीद रहती है। लोग अपने-अपने काम लेकर विधायकों के दरवाजे पर दस्तक देते हैं। विधायक अफसरों से सिफारिश भी करते हैं, लेकिन तमाम मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाती है। इससे विधायकों में अफसरों के खिलाफ नाराजगी बढ़ी हुई है। अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इस कारण विधायक भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। लोगों की हर बात को सुन रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों के काम कराने की कोशिशों में हैं। लेकिन कुछ अफसरों का रवैया विधायकों के काम में आड़े आ रहा है। यही वजह है कि विधायकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पूर्व में जिला योजना की बैठक में सिंचाई के मुद्दे पर जिले के प्रभारी मंत्री के सामने एक अधिकारी की विधायक ने शिकायत की थी। इससे पहले प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के झांसी दौरे के दौरान भी विधायक स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की शिकायत कर चुके हैं। आए दिन लखनऊ में जाकर मंत्रियों के सामने भी अफसरों की कार्यशैली का कच्चा चिट्ठा विधायक खोलते रहते हैं। अब स्थिति यहां तक आ पहुंची है कि शनिवार को गरौठा विधायक को थाने में घंटों धरने पर बैठना पड़ा। दतावली गांव में पंचायत चुनाव के मतदान के दौरान हुए बवाल के मामले में शुक्रवार की शाम विधायक के सामने ही पुलिस कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लाई थी, जिनका उस घटना से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। विधायक ने इसका विरोध किया, परंतु पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। अफसरों ने भी मदद नहीं की, थक हारकर विधायक को धरने पर बैठना पड़ा। हालांकि, ये मामला शासन स्तर पर भी सुर्खियों में है। ऐसे में विधायकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पंचायत चुनाव के बाद शासन स्तर से कुछ अफसरों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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