फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाजार में नहीं निकले ग्राहक, दुकानदार निराश

विज्ञापन
विज्ञापन
बाजार में नहीं निकले ग्राहक, दुकानदार निराश - ईद की वजह से कुछ दुकानों पर लौटी रौनक अमर उजाला ब्यूरो झांसी। लॉकडाउन के बाद शुक्रवार को कई तरह की दुकानें पहली बार खुलीं। मगर कोरोना वायरस के डर से ग्राहकों ने बाजार की तरफ रुख नहीं किया। इससे दुकानदार परेशान रहे। ईद की वजह से जरूर रेडीमेड, फुटवियर, हौजरी, सौंदर्य प्रसाधन व खानपान की दुकानों पर जरूर ग्राहकों का आना जाना बना रहा। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25 मार्च से लॉकडाउन लागू किया गया था। लॉकडाउन के तीन चरण पूरे होे चुके हैं। वर्तमान में चल रहे चौथे चरण में दुकानों को खोलने का रोस्टर जारी किया गया है, जो 31 मई तक अनवरत रूप से लागू रहेगा। इसमें मिठाई/बेकरी बीज, उर्वरक, कीटनाशक, मेडिकल /सर्जिकल स्टोर, फल, सब्जी, दूध, किराना /कंफेक्शनरी/जनरल स्टोर, पशु आहार सामग्री तथा बुक, स्टेशनरी व मोहर की दुकानें की दुकानें प्रतिदिन खोलने की इजाजत है। इसी तरह ऑटोमोबाइल वर्कशॉप/गैराज, बर्तन, गैस चूल्हा, मोबाइल, हार्डवेयर, बालू, मोरंग, सीमेंट, सरिया, कांच, लोहा, इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक आइटम, अटैची, स्कूल बैग, कास्मेटिक, श्रृंगार प्रसाधन, फर्नीचर, साइकिल, कृषि यंत्र व संबंधित उपकरण व ऑटोमोबाइल के दुकानदार मंगलवार, बृहस्पतिवार व शुक्रवार को दुकान खोल सकते हैं। जबकि मिट्टी के बर्तन, खिलौने, ज्वैलरी शॉप, रेडीमेड कपड़े, वस्त्रालय, साड़ी, पर्दा, स्थायी टेलरिंग शॉप, गिफ्ट, ड्राईक्लीनर, फोटोग्राफ, फोटो स्टेट, फोटोग्राफिक लैब, जूते - चप्पल, चश्मे, सेनेटरी तथा प्रिंटिंग प्रेस व फ्लैक्स प्रिटिंग का कारोबार करने वाले सोमवार, बुधवार व शनिवार को अपना कारोबार कर सकते हैं। संबंधित दुकानदारों ने दिनों के हिसाब से अपनी दुकानों को खोलना शुरू कर दिया है, लेकिन बाजार में ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे हैं।   मैंने आज 58 दिन बाद आज दुकान खोली। दिनभर में केवल एक ग्राहक दुकान पर आया। जैसे कोरोना ने हालत बना दिए हैं, उससे जल्द बाजार में रौनक लौटती नहीं दिखती। संजीव कुंदरा, फोटो फ्रेम दुकानदार। मैं आज दुकान खोलने के बाद साफ- सफाई में लगा रहा। मगर दिन भर में एक भी ग्राहक दुकान पर नहीं आया। इन हालातों में जल्द स्थिति सामान्य होती दिखाई नहीं दे रही है। शैलेंद्र साहू, कंप्यूटर दुकानदार। मैं दुकान जरूर खोल रहा हूं, लेकिन दस फीसदी भी ग्राहकी नहीं बची है। शुरूआत में ग्राहक आए, लेकिन अब तो कम दुकानदारी हो गई है। नीरज चौरसिया, किराना दुकानदार। इस तरह दुकान खोलने का क्या फायदा? कोई ग्राहक ही नहीं आ रहा है। एक तो लोग दुकान खोलने वाले दिनों को लेकर भी भ्रमित रहते हैं। इसलिए घर से निकलने में बच रहे हैं। प्रदीप गुप्ता, पेंट दुकानदार।   दुकान खोलने के बाद लग रहा था कि ग्राहकों की भीड़ लग जाएगी। लेकिन पहले दिन ऐसा नहीं हो सका। गर्मी के बाद भी लोग कूलर, पंखे लेने के लिए नहीं निकल रहे हैं। विनोद साहू, कूलर कारोबारी। न तो कोई कंप्यूटर से जुड़ा काम कराने आ रहा है और न फोटो स्टेट कॉपी। मुश्किल से दुकान खुली, लेकिन परेशानी जस की तस बनी है। नंदलाल राय, फोटो स्टेट दुकानदार।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें