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Jhansi News: दिवाली पर वर्कशॉप आएगी वंदे भारत

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रैक की उपलब्ध न होने के चलते सितंबर में नहीं आ सकी थी ट्रेन, विकल्प की तलाश जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस ने छह लाख किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। इसे सितंबर में ही मरम्मत के लिए रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी आना था, लेकिन इसका वैकल्पिक रैक नहीं मिल पाने के कारण अब यह ट्रेन दीवाली पर झांसी आएगी। इसके लिए वर्कशॉप ने सभी तैयारियां पूरी कर लीं हैं। वहीं, रेलवे बोर्ड वंदे भारत का दूसरा रैक तलाश रहा है।
प्रेमनगर हाट के मैदान में बनी रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी में वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए कोचों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। यह काम इसी माह से शुरू हो जाएगा। छह लाख किलोमीटर चल चुकी इस ट्रेन की मरम्मत के लिए रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजकर इसकी मरम्मत और साज-सज्जा का काम बोर्ड से मांगा था।
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बोर्ड ने फैक्टरी का निरीक्षण करने के बाद इसे वंदे भारत की मरम्मत के लिए मुफीद माना और यह काम फैक्टरी को सौंप दिया। 80 एकड़ भूमि पर 493 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस कोच फैक्टरी को वंदे भारत एक्सप्रेस की मरम्मत के लिए तैयार किया है। इसी काे देखते हुए रेलवे बोर्ड ने दो सौ करोड़ रुपये अलग से वंदे भारत के शेड के लिए स्वीकृत किए हैं।
2 अप्रैल 2023 से चल रही रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस अक्तूबर के अंत तक फैक्टरी पहुंच जाएगी। मरम्मत के दौरान ट्रेन का संचालन बंद न हो, इसके लिए दूसरा रैक भी तलाशा जा रहा है।
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वर्जन
रेल यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए पहले वंदे भारत एक्सप्रेस का दूसरे रैक की व्यवस्था की जाएगी। उसके बाद ट्रेन को यहां भेजा जाएगा। अक्तूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में ट्रेन कोच फैक्टरी आ जाएगी। - अतुल कनौजिया, मुख्य कारखाना प्रबंधक, रेल कोच नवीनीकरण फैक्टरी
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