अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मौसम की तल्खी के बीच रविवार को ट्रेनों की रफ्तार मंद पड़ी रही। घने कोहरे के बीच रेलवे ट्रैक पर ट्रेनें रेंगती नजर आईं। ट्रेनों की पटरी से उतरी हुई चाल का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सचखंड एक्सप्रेस 20 घंटे की देरी से यहां पहुंची। साधारण के अलावा हाईस्पीड ट्रेनों ने भी यात्रियों को घंटों इंतजार कराया।
सर्दी चरम पर है। शाम से ही घना कोहरा छा जाता है और अगले दिन दोपहर तक यही स्थिति बनी रहती है। इसका सबसे ज्यादा असर ट्रेनों की रफ्तार पर पड़ा है। रविवार को नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से यहां आई। निजामुद्दीन-खजुराहो वंदेभारत एक्सप्रेस ने यात्रियों को साढ़े आठ घंटे इंतजार कराया। निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस 11:30 घंटे की देरी से यहां पहुंची। इसके अलावा, उत्कल एक्सप्रेस ने 17 घंटे, महाकौशल और अंडमान सात-सात घंटे, जीटी एक्सप्रेस चार घंटे, मुंबई राजधानी दो घंटे, जम्मू-नांदेड़ हमसफर एक्सप्रेस सात घंटे, कुरुक्षेत्र-खजुराहो गीता जयंती एक्सप्रेस 11 घंटे, मालवा नौ घंटे, एपी एक्सप्रेस 11 घंटे, कर्नाटका एक्सप्रेस 10.30 घंटे और दक्षिण एक्सप्रेस पांच घंटे की देरी से यहां पहुंची। अन्य ट्रेनों का भी यही हाल रहा। इससे यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। भीषण सर्दी के बीच यात्री घंटों अपनी ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर डेरा जमाए रहे।