सर, यदि आप वृद्ध हैं, तो मेरे पिता समान हैं, कृपया अपनी पुत्री को पास कर दें, यदि आप युवा है और शादीशुदा है, बहन समझ पास कर दें। यदि आपकी शादी नहीं हुई, तो मैं आपसे शादी करने को तैयार हूं, कृपया पास कर दें। ऐसे ही कई ऑफर, बहाने और शायरियां यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों में परीक्षकों को लिखे मिल रहे हैं।
हाफिज सिद्दीकी नेशनल इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो रहा है। कुछ उत्तर पुस्तिकाओं पर परीक्षकों को रोचक बहानेबाजी और शायरियां लिखी मिली है। एक परीक्षक ने बताया कि कॉपी में में विद्यार्थी ने लिखा मेरे पेन की स्याही खत्म हो गई है, कृपया पास कर दें। किसी ने लिखा मेरी शादी तय हो चुकी है, पढ़ाई नहीं कर पाया, कृपया पास कर दें। मूल्यांकन केंद्रों के कुछ परीक्षकों ने बताया कि कुछेक कापियों में नोट भी चिपके आ रहे है। इसके अलावा अच्छे नंबर देने के बदले मोबाइल रीचार्ज कराने आदि के ऑफर भी मिल रहे हैं।
तीन लाख कॉपियां चेक
दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लगभग तीन लाख उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षकों ने जांच ली हैं। जीआईसी प्राचार्य प्रवीण कुमार मौर्य के अनुसार इंटरमीडिएट की दो लाख 23 हजार कॉपियों में इतिहास, भूगोल, बहीखाता, पुस्तकालय, टाइपिंग, ग्रंथ शिल्प आदि विषयों की लगभग डेढ़ लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। विभाग के अनुसार नेशनल हाफिज सिद्दीकी में हाईस्कूल की डेढ़ लाख कापियों का मूल्यांकन हो चुका है। अंग्रेजी, चित्रकला, कृषि, संगीत गायन, कंप्यूटर आदि विषयों की है। यहां 2,25000 कापियां जंचनी है।