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Jhansi News: तकनीक के इस्तेमाल से आसान हुआ अपराधियों को पकड़ना

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- पूर्व आईपीएस बोले-तीन नए कानून लागू होने के बाद चीजें और सरल हो जाएंगी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। तकनीक के इस्तेमाल से अपराधियों को पकड़ना आसान हुआ है। जुलाई से तीन नए कानून लागू होने के बाद चीजें और सरल हो जाएंगी। ये कहना है माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर करने वाले और एसटीएफ, एटीएस के संस्थापक सदस्य पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय का।
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बीयू में चल रहे बुंदेलखंड लिटरेचर फेस्टिवल में अमर उजाला से बातचीत करते हुए पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय ने अपने अनुभव साझा किए। श्री प्रकाश शुक्ला पर वर्चस्व और ऑपरेशन बजूका किताब लिखने वाले पूर्व आईपीएस ने बताया कि आज के मुकाबले 90 के दशक में अपराध नियंत्रण कितना मुश्किल था। बोले कि पहले अपराधी नेताओं के लिए बूथ कैप्चरिंग करते थे। फिर 90 के दशक में अपराधी खुद ही राजनीति में आने लगे। उस दौर में दबंग कोर्ट तक गवाह को जाने नहीं देता था। ऑनलाइन एफआईआर नहीं होती थी। सीसीटीवी कैमरे भी चलन में नहीं थे। कई अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण था। मगर 2004 के बाद ईवीएम से चुनाव और सीसीटीवी कैमरे लगाने का चलन बढ़ा तो हालात बदलने लगे। तकनीक के इस्तेमाल से भी आपराधिक घटनाओं में कमी आई। कहा कि जुलाई से तीन नए कानून लागू होने के बाद चीजें और सरल हो जाएंगी। हर घटना के बाद फॉरेंसिक टीम मौके पर जाएगी। जीपीएस लोकेशन, सीडीआर, चैट हिस्ट्री बतौर साक्ष्य मान्य होंगे। अब अपराधी अपराध करने के बाद बच नहीं पाएगा।
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