झांसी। किसानों के लिए बनाया गया ‘किसान बाजार’ उनके किसी काम नहीं आ रहा है। साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ढंग से बनाई गई यह इमारत डेढ़ साल से वीरान पड़ी है। इसमें आवंटित हो चुकी ज्यादातर दुकानों में भी ताले लटके हैं। कृषकों का इससे अब तक कोई नाता नहीं है।
क्षेत्र के किसानों की तरक्की के उद्देश्य से 8.48 करोड़ रुपये की लागत से भव्य किसान बाजार बनाया गया है। शहर के किसी मुख्य मार्ग पर बनाने की बजाय यह किसानों की सहूलियत के लिए मंडी के पास बनाया गया है। किसान बाजार का भवन अत्याधुनिक है। इसमें छोटी-बड़ी 116 दुकानें बनाई गईं हैं। इसके अलावा इसमें मेगा रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, किड्ज जोन, बैंक्वेट हॉल, कांफ्रेंस हॉल, ओपन थियेटर का प्रावधान किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की यहां आवाजाही रहे और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य प्राप्त हो।
यहां किसानों के सब्जी, फल, फूल आदि जैसे उत्पादों बेचने की व्यवस्था की गई है। बाजार की 102 दुकानों का आवंटन किया जा चुका है। लेकिन, इनमें से ज्यादातर बंद पड़ी हुई हैं। ग्राहक न होने की वजह से लोग यहां व्यापार में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे किसान भी अपने बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। इन हालातों में सरकार का उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
किसानों की पहुंच में नहीं कीमत
झांसी। किसान बाजार की दुकानों की कीमत किसानों की पहुंच से दूर है, यही वजह है कि वे इससे कन्नी काट रहे हैं।
बड़ी दुकानों की न्यूनतम कीमत 12.10 लाख व छोटी दुकान की 7.90 लाख रुपये तय की गई है। खुली नीलामी में कीमत इससे अधिक भी बढ़ जाती है। यहां ज्यादातर दुकानें व्यापारी वर्ग के लोगों ने ली है। लेकिन, वह यहां कारोबार शुरू नहीं कर रहे हैं। हालांकि, किसानों के लिए यहां खुले हाल में फसल उत्पाद बेचने का नि:शुल्क प्रावधान किया गया है। लेकिन, लोगों की आवाजाही न होने से किसानों ने यहां कारोबार शुरू नहीं किया है।
प्रदेश में सबसे पहले हुआ था निर्माण
झांसी। उत्तर प्रदेश राज्य मंडी परिषद द्वारा किसान बाजार का निर्माण कार्य 15 फरवरी 2013 को शुरू किया था। 30 सितंबर 2014 को निर्माण पूर्ण हो गया था। इसके बाद 14 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया था। प्रदेश के 11 जनपदों में किसान बाजार बनाए जा रहे हैं, लेकिन सबसे पहले झांसी में यह बाजार बनकर तैयार हो गया है।
‘किसान बाजार में 102 दुकानें आवंटित कर दी गई हैं। कुछ दुकानें खुलने भी लगी हैं। जल्द ही यहां पूरी तरह से कारोबार शुरू हो जाएगा। बाजार में किसानों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन व बिक्री का पूरा मौका मिलेगा।’
- संजय प्रजापति, मंडी सचिव