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Trip Tactics : पार्षदों की गुहार...जल्दी बाहर घूमने भेजो नहीं तो खत्म हो जाएगा कार्यकाल, प्रशासन सांसत में

Wed, 14 Sep 2022 05:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा हिमांशु पांडेय, झांसी

सार

UP News :इस टूर पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, निगम अफसर एक साथ सभी 70 पार्षदों को बाहर भेजने को लेकर पशोपेश में हैं लेकिन, पार्षद किसी कीमत पर तारीख आगे बढ़ाने को राजी नहीं। टूर की तारीख जल्द तय करने को लेकर पार्षद रोजाना अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं।
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demo pic... - फोटो : Istock
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विस्तार
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कार्यकाल खत्म होता देख नगर निगम के पार्षद सरकारी खर्चे पर जल्द से जल्द बाहर भ्रमण पर जाने की तैयारियों में जुटे हैं। इस टूर पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, निगम अफसर एक साथ सभी 70 पार्षदों को बाहर भेजने को लेकर पशोपेश में हैं लेकिन, पार्षद किसी कीमत पर तारीख आगे बढ़ाने को राजी नहीं। टूर की तारीख जल्द तय करने को लेकर पार्षद रोजाना अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। सभी पार्षदों की ओर से उपसभापति भरत सेन ने भी नगर आयुक्त को पत्र भेजकर टूर की तिथि जल्द तय करने को कहा है। 

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नगर निगम चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी। दिसंबर में चुनाव कराने की पूरी तैयारी है। कार्यकाल में चंद महीने बचे हैं। ऐसे में सभी पार्षद अंतिम बार सरकारी पैसे पर कहीं बाहर घूम आने की जुगत में हैं। अलग-अलग समूहों में पार्षदों के बीच मंत्रणा का दौर चल रहा है। इसमें सत्तारूढ़ भाजपा समेत सपा, बसपा, कांग्रेस एवं निर्दलीय पार्षद भी शामिल हैं। वहीं, उपसभापति भरत सेन ने पत्र लिखकर सभी 70 पार्षदों को इंदौर समेत गोवा, पणजी, अन्य स्थानों पर भेजने की बात कही है। अपर नगर आयुक्त मो.कमर का कहना है स्थान को लेकर पार्षद एक राय नहीं है।    

शैक्षिक भ्रमण के नाम पर अब तक पार्षद खर्च कर चुके 35 लाख
नगर निगम के जनप्रतिनिधि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान ही शैक्षिक टूर के नाम पर करीब 35 लाख रुपये खर्च कर चुके। इस बजट में जनप्रतिनिधियों ने लद्दाख, लेह से लेकर गोवा तक का कई बार हवाई सफर का लुत्फ  उठाया हालांकि इससे संबंधी कोई रिपोर्ट सदन में आज तक पेश नहीं हुई। 
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नगर निगम अधिनियम में जनप्रतिनिधियों के शैक्षिक टूर का प्रावधान इस मंशा से किया गया कि जनप्रतिनिधि वहां जाकर सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं का अध्ययन करें। वहां से लौटने के बाद इसकी लिखित रिपोर्ट सदन के सामने रखनी होती है लेकिन, निगम जनप्रतिनिधियों के अधिकांश शैक्षिक टूर सिर्फ  सैर-सपाटे वाले ही साबित हुए हैं। निगम के सालाना बजट में इस मद में वर्ष 2021-22 में 30 लाख रुपये तय था लेकिन, जनप्रतिनिधियों ने 35.74 लाख रुपये खर्च कर डाले।

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