झांसी। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू होने से पहले ही फंस गई हैं। बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों की नामांकन सूची न भेजे जाने से परीक्षाओं के लिए तय की गई समय सारिणी का पालन नहीं हो पाएगा। इसके साथ ही, कई विद्यालयों में डीएलएड परीक्षा का केंद्र बनने के चलते प्रयोगात्मक परीक्षाएं बुधवार से नहीं होेंगीं। उधर, स्कूलों ने परीक्षकों की सूची ऑनलाइन मिलने के बाद तैयारियां तेज कर दी हैं। विद्यार्थी भी तैयारी में जुटे हैं।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं झांसी मंडल में पहले चरण में तीन से 12 फरवरी तक होनी हैं। विद्यालयों में प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर तैयारियां चल रही हैं। प्रयोगशालाओं को सैनिटाइज कराने के साथ-साथ प्रायोगिक पाठ्यक्रम पूरा कराया जा रहा है। जिले में 21 हजार और ललितपुर में करीब 14 हजार परीक्षार्थियोें को परीक्षा में शामिल होना है।लेकिन बोर्ड की ओर परीक्षा के लिए इंतजाम अब तक अधूरे हैं। बोर्ड ने अब तक विद्यालयों को परीक्षार्थियों की नामांकन सूची (नॉमिनल रोल) मुहैया नहीं कराए हैं। इस नॉमिनल रोल पर ही विद्यार्थियों को नंबर दिए जाते हैं। वहीं कई स्कूलों में डीएलएड परीक्षा केंद्र होने के चलते परीक्षाएं बुधवार से नहीं हो सकेंगीं। यहां चार फरवरी के बाद परीक्षाएं कराई जाएंगीं। प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर स्कूल विद्यार्थियों को लगातार तैयारी कराने में जुटे हैं।
अलग-अलग बैच बनाकर कराएंगे परीक्षाएं
प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर विद्यालयों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद ओझा बताते हैं कि उनके यहां पर छात्राओं के अलग-अलग बैच बना दिए गए हैं। नॉमिनल रोल मिलने के बाद प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी। प्रयोगशाला को सैनिटाइज कराया है। लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के प्रधानाचार्य राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि 50 विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जानी है। डीएलएड परीक्षा होने के बाद परीक्षाएं कराना संभव होगा। विपिन बिहारी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य दिनकर सक्सेना कहते हैं कि परीक्षाएं चार फरवरी के बाद हो पाएंगीं। 171 विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए तैयारी कर ली है। जीआईसी के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार मौर्य कहते हैं कि परीक्षकों की सूची मिल गई है। परीक्षकों से समय मिलने के बाद परीक्षाएं कराएंगे। प्रयोगशालाओं में प्रयोग चल रहे हैं।
विद्यालयों को जल्द ही नामांकन सूची दे दी जाएगी। तब तक विद्यालय अपने स्तर से परीक्षार्थियों की सूची के आधार पर परीक्षाएं करा सकते हैं। परीक्षाएं तय समय सारिणी के आधार पर ही कराई जाएंगीं।
डॉ. कोमल सिंह यादव, डीआईओएस