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अधिकारों के लिए एकजुट हों इंजीनियर्स

Sun, 05 Jul 2015 11:53 PM IST
झांसी / ब्यूरो
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ढुकुवां कालोनी स्थित विश्वेश्वरैया सामुदायिक केंद्र में उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के  मंडल अधिवेशन में वक्ताओं ने अधिकारों को पाने के लिए एकजुट होने की अपील की।
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अधिवेशन के मुख्य अतिथि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष इं. हरी किशन तिवारी ने कहा कि शासन स्तर पर मांगों के पूर्ण न होेने पर अगस्त में हड़ताल व जेल भरो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। विभिन्न स्थानों पर इंजीनियरों पर हो रहे हमलों व दबावों पर संगठन दबंगों के खिलाफ कार्यवाही के लिए एकजुट है। विशिष्ट अतिथि महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. एसपी मिश्रा ने कहा कि जूनियर इंजीनियर्स के वेतनमान की विसंगति को दूर किया जाए। इस मौके पर अन्य वक्ताओं ने जूनियर इंजीनियर्स को शासन की नीतियों के अनुरूप तीन पदोन्नतियां प्रदान करने के संबंध में 50 प्रतिशत पदोन्नति कोटा देने, पुनरीक्षित छठे वेतन आयोग के वेतन के एरियर का भुगतान करने आदि की मांग की।
इस मौके पर महासंघ के सदस्यों ने मुख्य अतिथि को ज्ञापन दिया। वहीं नवीन कार्यकारिणी के चुनाव में सर्व सम्मति से इं. सीपी गुप्ता मंडल अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष इं. राम सनेही वर्मा, उपाध्यक्ष इं. एमएस चौबे, सचिव इं. हेमंत कुमार रावत, वित्त सचिव इं. नंदराम, संगठन सचिव इं. सतीश कुमार, मंडल प्रचार सचिव इं. खेमराम सिंह एवं लेखा संप्रेक्षक इं. एसएन प्रसाद यादव चुने गए। अधिवेशन की अध्यक्षता इं. केएन दुबे ने की।
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इस अवसर पर महासंघ के प्रांतीय महासचिव इं. एस के पांडेय, इं. ओपी सिंह, इं. सुधीर पवार, इं. आर के त्यागी आदि मौजूद रहे। संचालन इं. सीपी गुप्ता ने किया।

जो रक्षक हैं, वही ठेकेदार बन गए
झांसी। उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. एसपी मिश्रा ने कहा कि ठेके दारी में राजनीति एवं राजनीतिज्ञों का समावेश होने से गुणवत्ता पूर्ण कार्य होने में समस्याएं हो रही हैं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो रक्षक हैं, वहीं ठेकेदारी में पार्टनर हो गए हैं। हालांकि इंजीनियर्स गुणवत्ता पूर्ण कार्य लेने में सक्षम है। चाहे उन्हें कोई भी बलिदान क्यों न देना पडे़। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी क ार्य के भुगतान से पूर्व उसकी गुणवत्ता क ी जांच सरकारी एजेंसी जिसमें सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं जिलाधिकारी शामिल हों, से ही करायी जाए।
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