फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहूलियत की जगह मुसीबत बना अंडर ब्रिज

विज्ञापन
लोगों की परेशानी का कारण बना ग्राम करारी अंडरब्रिज में भरा पानी। अमर उजाला
विज्ञापन
झांसी। करारी स्थित झांसी-ग्वालियर रेलमार्ग के नीचे लोगों की सुविधा के लिए अंडर ब्रिज बनाया गया था लेकिन उसके अंदर हमेशा पानी भरा होने से लोगों का निकलना भी दूभर हो गया है। इससे वहां के लोग अंदर से निकलने से कतराने लगे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी अभी तक समस्या दूर नहीं हो सकी है। यहां तक कि अंदर गड्ढे हो गए हैं। उसमें गिरकर लोग चोटिल भी हो जाते हैं।
विज्ञापन

रेलवे ने क्रासिंग से लगने वाले जाम और मैन पावर कम करने के लिए कई स्थानों पर अंडर ब्रिज बनाया है। करारी स्थित ग्वालियर रेलमार्ग के नीचे लगभग तीन साल पहले रेलवे ने अंडर ब्रिज बनवाया था। लोगों को भी लगा था इससे उनकी परेशानी दूर हो जाएगी। क्रासिंग बंद होने पर समय भी बर्बाद नहीं होगा और जाम से भी निजात मिल जाएगी लेकिन अंडर ब्रिज के बनते ही बरसात में बारिश का पानी भर गया था। पानी निकालने की कोई भी व्यवस्था नहीं होने से आज तक ब्रिज में पानी भरा है जिसने कीचड़ का रूप ले लिया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोगों का पैदल निकला भी मुश्किल हो गया है। बारिश के मौसम में समस्या और विकराल रूप धारण कर लेती है। कई बार शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया अंडर ब्रिज से पानी निकालने के लिए कई बार शिकायतों को दर्ज करा चुके हैं लेकिन आज तक कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है।
जब से ब्रिज का निर्माण कराया गया है तभी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्रिज में हमेशा ही पानी भरा रहता है जिससे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। वह हादसों का सबब बने हैं।
विज्ञापन

धीरज, स्थानीय नागरिक
दूसरा कोई रास्ता नही होने के कारण स्थानीय लोगों को गंदे पानी से ही निकला पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी का सामना स्कूली बच्चों को हो रही है।
दीपक चौधरी, स्थानीय नागरिक
ब्रिज का निर्माण होते ही पानी भर गया था, तब से लेकर आज तक पानी भरा हुआ है जिसने कीचड़ का रूप ले लिया है। कई बार शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन

रामानंद, स्थानीय नागरिक
कुछ समय पहले बहू को प्रसव पीड़ा हुई थी। निकलने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण घर में प्रसव करना पड़ा था। बहू की जान जाते-जाते बच गई थी।
राम कुमारी, स्थानीय नगारिक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें