झांसी। केंद्रीय आम बजट ने खिलाड़ियों को निराश किया है। उन्हें उम्मीद थी कि केंद्र सरकार खेलों को बढ़ावा देगी, लेकिन बजट में कोई घोषणा नहीं होने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कर्मस्थली झांसी के खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि बजट में जरूर कुछ न कुछ मिलेगा, लेकिन हॉकी के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
हर साल बजट बनता है, लेकिन खिलाड़ियों की अनदेखी की जाती है। इस बार भी खेलों को महत्व नहीं दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों में निराशा है।
- काजल
कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है कि सरकार ने खेलों के लिए क्या दिया है। लेकिन, बजट में कोई ऐसी घोषणा नहीं की गई, जिससे खेलों को बढ़ावा मिले।
- नैंसी
बजट में कई सेक्टरों के लिए काफी कुछ दिया गया है, लेकिन खेल को लेकर कोई महत्व नहीं दिया गया है, जो काफी निराशाजनक है। खेलों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
- अकरम
हर साल बजट में खिलाड़ियों की अनदेखी की जाती है। इस बजट से काफी उम्मीदें थी, लेकिन कुछ नहीं दिया गया है। इससे खेल जगत के लोगों में मायूसी है।
- सूर्यांश
बजट को लेकर खिलाड़ियों में काफी उत्साह था। लेकिन, खिलाड़ियों और खेल को क्या मिला है, स्थिति साफ नहीं है। कह सकते हैं कि खेल को बढ़ावा देने के लिए कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
- आकांक्षा
खेलों को शासन द्वारा काफी प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन बजट में कुछ नहीं दिया जाता है। जो खिलाड़ियों के लिए काफी दुखदायी है।
- शिवानी
खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं दिया है। यही कारण है कि प्रतिभाएं उभर नहीं पाती हैं। इस बजट में भी खिलाड़ियों के लिए कुछ खास नही है।
- प्रीति तिवारी
बजट में कई सेक्टरों को विभिन्न सौगातें दी गईं हैं, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी खिलाड़ियों की अनदेखी की गई है। इससे खिलाड़ी काफी मायूस हैं।
- मनीषा कुशवाहा
बजट को लेकर हर वर्ग के खिलाड़ियों ने काफी उम्मीदें लगा रखी थीं, लेकिन खिलाड़ियों की अनदेखी करने से खिलाड़ियों का मनोबल काफी गिरा है।
- दीपा गोस्वामी