झांसी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सर्राफा व्यापारियों द्वारा किए जा रहे एक्साइज ड्यूटी व पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध को जायज व इस कानून को खराब बताया। उन्होंने माना कि सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल का पूरे देश में असर पड़ रहा है। यह बात उन्होंने तब कही, जब बुधवार को सर्किट हाउस में सर्राफा व्यापारी उनका घेराव करने पहुंचे थे। उमा ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनकी ‘वकील’ के रूप में कैबिनेट की बैठक में व वित्त मंत्री के समक्ष इस संबंध में बात करेंगी।
बुधवार को सर्राफा व्यापारी केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद के उमा भारती के नगर आगमन पर उनका घेराव करने के लिए सर्किट हाउस पहुंच गए। सर्राफा व्यापारियों ने क्षेत्रीय सांसद को बताया कि उनका काम कारीगर का है और यह काम एक्साइज ड्यूटी में नहीं आता है। इस कानून के लागू होने से उनका व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल का असर पूरे देश में व्यापक रूप से हो रहा है। उनकी बात को वह पूरी मजबूती के साथ कैबिनेट के समक्ष रखेंगी।
उमा से आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने इलाइट चौराहे पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री के चित्र पर पुष्प चढ़ाए गए। इस दौरान मुकेश अग्रवाल, गोविंद शरण वर्मा, उदय सोनी, सुनील अग्रवाल, अतुल किलपन, सुरेश ढरिया, महेश खुम्मन, गोपी कपूर, दिनेश, जयप्रकाश, मुन्ना सोनी, राहुल सोनी, मनोज वर्मा, लल्लन अग्रवाल, रवि मुडिया, संतोष सोनी, अरविंद सोनी, कमलेश सोनी, सोहन अग्रवाल, मनीष पलया, पंकज सोनी, दीपू, जगदीश विमो, अशोक लाला आदि मौजूद थे।
इंतजार से आक्रोशित हुए व्यापारी
सर्किट हाउस पहुंचने पर व्यापारी सभाकक्ष में एकत्र होकर क्षेत्रीय सांसद के आने इंतजार करने लगे। भाजपा नेताओं ने बताया कि भोजन करने के उपरांत जल्द ही वह उनके बीच आएंगी। मगर, जब आधे घंटे बाद भी वह नहीं आई तो कुछ व्यापारी आक्रोशित होकर जाने लगे, तभी सूचना आई कि वह दवा खाकर आ रही हैं। इस पर व्यापारी फिर इंतजार करने लगे। पंद्रह मिनट बाद भी जब वह नहीं आईं तो व्यापारी दुबारा आक्रोशित होकर जाने लगे। हालांकि, कुछ मिनटों बाद ही वह व्यापारियों के बीच आ गईं, इससे व्यापारियों का गुस्सा शांत हो गया। तबीयत ठीक न होने के कारण उन्होंने सभाकक्ष की जगह पोर्च में पहुंचकर व्यापारियों की बात सुनीं व ज्ञापन लिया।