अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) आनंद प्रकाश तृतीय की अदालत ने विद्युत चोरी का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को दो साल के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने चार साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान विद्युत विभाग की टीम 26 सितंबर 2019 को ग्राम भिटौरा पहुंची थी। इस दौरान गांव में रहने वाले सदाराम यादव की आटा चक्की का कनेक्शन बगैर भुगतान के जुड़ा पाया गया था। जबकि, बकाये के चलते विभाग द्वारा उसका कनेक्शन पहले काटा जा चुका था। इस पर विद्युत विभाग की ओर से आरोपी सदाराम के खिलाफ सकरार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुलेश सक्सेना और इंद्रसिंह राजौरिया ने बताया कि न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त सदाराम को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।