नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्म्द नेयाज अंसारी ने अभियुक्त आसिफ नूर और दिलशाद को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्म्द नेयाज अंसारी ने अभियुक्त आसिफ नूर और दिलशाद को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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कोतवाली थानाक्षेत्र के रहने वाले पीड़िता के पिता ने 24 जून 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि 23 जून 2018 को वह रात्रि परिवार वालों के साथ सो रहा था। सुबह चार बजे उसकी 16 वर्षीय पुत्री घर के अंदर नहीं मिली। पीड़ित ने शक जताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को अलीगोल खिड़की निवासी शाहिद कुरैशी बहला-फुसलाकर ले गया। 30 जून 2018 को पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर शाहिद कुरैशी की नामजदगी गलत पाई गई। बयान के आधार पर ओरछा गेट बाहर निवासी आसिफ नूर और ग्वालियर के थाना कंपू पिछोर पहाड़िया निवासी दिलशाद खान के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने, पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने पीड़िता के बयान के आधार पर आसिफ नूर और दिलशाद को दोषी मानते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने और पीड़िता के बयान पर कोर्ट ने यह निर्णय लिया है।