संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। छह साल पहले किशोरी को घर से जबरन ले जाकर झोपड़ी में छेड़छाड़ करने के दो आरोपियों को कोर्ट ने मुकदमे में दोषी पाया है। जिसके बाद बृहस्पतिवार को न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया है।
बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश अंजना ने बरुआसागर थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी संतू कुशवाहा पुत्र पतीराम और राजकुमार पुत्र किशोरी कुशवाहा के मामले में सुनवाई की। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि साल 2017 में बरुआसागर थाने में 17 वर्षीय पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें संतू और राजकुमार को आरोपी बनाते हुए बताया था कि उनकी बेटी घर में सो रही थी। पड़ोस के संतू कुशवाहा और राजकुमार दीवार फांदकर घर के अंदर घुस आए। बेटी को डरा धमकाकर जबरदस्ती पास में ही खाली पड़ी झोपड़ी में ले गए और छेड़छाड़ करने लगे। इसी बीच उसकी आंख खुली तो बेटी घर में नहीं दिखने पर वह उसकी तलाश में निकला। इसी दौरान पास की झोपड़ी से बेटी की चीख सुनाई दी। जैसे ही वह वहां पहुंचे तो दोनों आरोपी बेटी के सिर पर पत्थर से वार करते हुए वहां से फरार हो गए। घटना के बाद किशोरी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन बाद ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने 13 जुलाई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में सुनवाई के बाद आज दोनों को पांच-पांच साल की सजा और 15-15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।