संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने संस्थान में हाईटेक नर्सरी की स्थापना की है। जिससे बुंदेलखंड के किसानों को फल, सब्जी और अनाज के गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध हो सकें। इसके लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने काम करना शुरू कर दिया है।
बता दें कि बुंदेलखंड की जलवायु के अनुसार यहां ऐसे पौधे विकसित नहीं हो पाते, जो समय से रोप दिए जाएं तो किसानों को उनका अच्छाखासा लाभ मिल सकता है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय ने अपने यहां हाईटेक नर्सरी की स्थापना की है। इस नर्सरी में तरबूज, खरबूज, टमाटर, हरी मिर्च, लाल मिर्च, शिमला मिर्च जैसे पौधे विकसित किए जा रहे हैं। इस नर्सरी को हाईटेक नाम इसलिए भी दिया गया है कि यहां वैज्ञानिक बीजों को ठीक वैसा ही मौसम प्रदान कर रहे हैं, जिसमें पौधा आमतौर पर उगता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रंजीत पाल बताते हैं कि बुंदेलखंड में किसानों को सबसे अधिक नुकसान तभी होता है कि जब मौसमी फल अपने सीजन में नहीं उग पाता। इसका बड़ा कारण यही है कि जिस मौसम में पौधा विकसित होना चाहिए, उस मौसम में वह कमजोर रह जाता है, जिससे अच्छी पैदावार नहीं मिलती। ऐसे में बुंदेलखंड के लिए यह नर्सरी वरदान साबित होगी। बताया कि नर्सरी को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि अभी हम सर्दी के मौसम में भी मार्च में बोये जाने वाले बीज को लगा सकतेे हैं। इसका लाभ यह होगा कि जब समय से पौधा फल देने लगेगा तो उसका दाम भी अच्छा मिलेगा।
- अनुवांशिक बीमारी को दूर कर तैयार होता है स्वस्थ्य पौधा
डॉ. रंजीत पाल बताते हैं कि हाईटेक नर्सरी में हम ऐसे पौधों का भी इलाज करते हैं, जिनका बीमारी का पुराना इतिहास होता है। कई बार एक पौधे से दूसरे पौधे में बीमारी आती है। यहां हाईटेक नर्सरी में ऐसा प्रबंधन है कि उस बीमारी को समाप्त कर स्वस्थ्य पौधा पैदा हो सकता है। इसके लिए हम एक साथ सभी पौधों का इलाज कर सकते हैं।