बालपुर गांव में हाई वोल्टेज आने कारण हुए शॉर्ट सर्किट से एक घर में जलता केबल और बल्ब फटकर चारपाई पर जा गिरे, जिससे बिस्तर में आग लग गई। उस पर सो रहे दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। आनन फानन उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें लखीमपुर खीरी और बाद में लखनऊ के लिए रेफर कर दिया लेकिन लखनऊ ले जाते समय दोनों बच्चों की मौत हो गई। इस संबंध में डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मामले की जांच के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए हैं। साथ ही डीएम ने कहा है कि परिवार के साथ दुखद घटना हुई है। प्रशासन उनकी हरसंभव मदद करेगा।
थानाक्षेत्र के बालपुर निवासी मलखा मजदूर है। शुक्रवार को रात आठ बजे उसने अपनी चार वर्षीय पुत्री सिमरन व दो साल के पुत्र गगन को कमरे में चारपाई पर मच्छरदानी लगाकर सुला दिया। सुबह पांच बजे मलखा पास के ही एक फार्म पर मजदूरी करने चला गया, जबकि पत्नी बाहर बर्तन धोने चली गई। इस दौरान कमरे में केबल और बल्ब तेज वोल्टेज के कारण फट गए। जलता केबल और बल्ब चारपाई पर जा गिरे। इससे चारपाई में आग लग गई। जब तक लोगों को जानकारी हुई तब तक काफी देर हो चुकी थी। दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए थे। पूरा कमरा आग की गिरफ्त में आ चुका था। पड़ोसियों की मदद से जैसे-तैसे बच्चों को निकाला जा सका। जिसके बाद उनको पलिया के अस्पताल लाया गया। जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से लखनऊ ले जाते समय दोनों बच्चों की मौत हो गई।
घर में आग लगने से बच्चों की झुलसने से मौत हुई है। पावर कॉरपोरेशन से मुआवजा तभी मिलता है, जबकि बिजली लाइन की वजह से कोई घटना हुई हो। संभावना है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी हो, जो उपभोक्ता के घर के अंदर की कमी को दर्शाता है, फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
- आरके श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता-बिजली