लॉकडाउन में शहरवासी घर में वक्त गुजारने के लिए सबसे ज्यादा टीवी व अन्य बिजली उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं। कूलर व एसी चलने लगे हैं। यही कारण है कि पिछले एक महीने में शहरवासियों ने दो करोड़ रुपये की ज्यादा बिजली खर्च कर ली।
महानगर मेें 1.14 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें 90 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं। हर महीने साढ़े चार करोड़ यूनिट की खपत है। इस हिसाब से करीब 34 करोड़ का राजस्व मिलना चाहिए।
लॉकडाउन में वाणिज्यिक और इंडस्ट्रीयल कनेक्शन बंद चल रहे हैं। इससे चालीस फीसदी बिजली की मांग कम चल रही है। यानी 60 फीसदी बिजली की खपत होना चाहिए। लेकिन, इसके बाद भी 60 की जगह 65 प्रतिशत तक बिजली का उपभोग हो रहा है। लॉकडाउन में लोग अपने घरों में बिजली का अधिक उपभोग कर रहे हैं।
घरेलू उपभोक्ता पंखे, एसी, कूलर, मिक्सी, वाशिंग मशीन, टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, पानी भरने की मोटर का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। परिणामस्वरूप पिछले एक महीने में करीब दो करोड़ रुपये की बिजली घरेलू कनेक्शनों में ज्यादा खर्च की गई।
संविदा कर्मी रखेंगे सामाजिक दूरी का ध्यान
बिजली विभाग 20 अप्रैल से बिजली बिल जमा काउंटर खोलने जा रहा है। बिजली बिल जमा काउंटर पर उपभोक्ताओं को सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का पालन कर एक- एक मीटर की दूरी पर खड़ा होना पड़ेगा। जो उपभोक्ता मास्क लगाकर नहीं आएंगे, उनको कतार में नहीं लगने दिया जाएगा। उपभोक्ताओं पर नजर रखने के लिए होमगार्ड व संविदा कर्मी लगाए जाएंगे।