झांसी। महानगर में नाला सफाई का काम धीमी चाल से चल रहा है। अब तक महज 65 फीसद काम पूरा हो सका है। जबकि लक्ष्य के मुताबिक तीन दिन बचे हैं। ऐसे में नाला सफाई समय पर पूरा करने क्या हीमैन आएगा? जबकि तमाम नालों पर अतिक्रमण है। जिन्हें हटवाने में नगर निगम पूरी तरह से फेल है।
नगर निगम ने 27 मई से नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया था। महानगर में 55 बड़े नालों के लिए टेंडर कराकर ठेकेदारों से नाला सफाई कराई जा रही है। वहीं 110 छोटे नालों को सफाई निरीक्षकों के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों से साफ कराया जा रहा है। अब तक हालात यह हैं कि महज 65 फीसद काम ही पूरा हो सका है। जबकि सफाई कार्य 15 जून तक पूरा करना है। ऐसे में 35 फीसद सफाई कार्य पूरा करने चुनौती साबित होता नजर आ रहा है। वहीं, महानगर के नटवली नाले को साफ कराने में नगर निगम भी पूरी तरह से फेल है।
नाले के ऊपर मकानों और दुकानों का निर्माण हो गया है। शहर के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित नाले को साफ कराने में अतिक्रमण बड़ी मुसीबत बन रहा है। अभी तक इस नाले की सफाई का काम भी करीब 60 फीसद ही हो सका है। नगर निगम का संपत्ति विभाग भी नाले के ऊपर से अतिक्रमण हटवाने में फेल नजर आ रहा है। उधर, वार्डों में स्थित तमाम छोटे नालों को साफ कराने में भी टीमें पिछड़ी हुई हैं। दो दिन पहले सफाई निरीक्षकों से रिपोर्ट तलब की गई, तो सामने आया कि करीब 40 नालों की सफाई का काम अब तक शुरू ही नहीं हुआ है। ऐसे में तीन दिन में काम पूरा कराने में नगर निगम सफल होता नहीं दिख रहा है।
महानगर में नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। करीब 65 फीसद काम पूरा कर लिया गया है। सफाई निरीक्षकों को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त