झांसी। बुधवार की दोपहर को ट्रैफिक पुलिस कर्मी अपने आफिस में ही भिड़ गए। जमकर मारपीट हुई। एक दूसरे पर खूब आरोप लगाए गए। एसएसपी ने टीएसआई समेत दो को निलंबित कर दिया है जबकि तीन को लाइन हाजिर किया गया है। हालांकि विवाद की पुख्ता वजह साफ नहीं हो सकी है लेकिन विभाग के कुछ लोग दबी जुबान से वसूली की रकम के बंटवारे को झगड़े की वजह मान रहे हैं।
महानगर में एसपी सिटी आफिस के पीछे ही ट्रैफिक पुलिस का दफ्तर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार दोपहर ट्रैफिक पुलिस के कार्यालय में टीएसआई सुदीप यादव, हेड कांस्टेबिल सचिन, एसआई अमरनाथ यादव, कांस्टेबल रवि एवं अनुपम मौजूद थे। इसी दौरान टीएसआई और दो सिपाहियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। एसआई अमरनाथ ने बीच-बचाव की कोशिश की लेकिन, सिपाहियों ने वसूली की रकम को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसी बात में तैश में आकर सुदीप और अमरनाथ भिड़ गए। दोनों तरफ से अन्य ट्रैफिक सिपाही भी आ गए। दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दफ्तर के अंदर मारपीट होने से वहां अफरातफरी मच गई। किसी तरह दोनों पक्षोें को अलग किया गया। मारपीट की सूचना एसएसपी राजेश एस तक पहुंची। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से टीएसआई सुदीप यादव एवं हेड कांस्टेबल सचिन को निलंबित कर दिया जबकि एसआई अमरनाथ यादव, कांस्टेबल रवि एवं अनुपम को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी का कहना है कि कार्रवाई अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते की गई है। मामले की जांच भी कराई जाएगी।
अरसे से गुटबाजी का शिकार है ट्रैफिक कार्यालय
ट्रैफिक कार्यालय में गुटबाजी की चर्चा एक अरसे से चल रही है। कुछ समय पहले तक अमरनाथ यादव को टीएसआई का जिम्मा था। उसके बाद दरोगा शैलेंद्र यादव को इसका जिम्मा दिया गया, उनके जाने के बाद यहीं तैनात सुदीप को टीएसआई बना दिया गया। इसी वजह से कार्यालय में तीन अलग-अलग गुट बने हुए हैं। सबसे अधिक शिकायत भी इसी कार्यालय की आला अफसरों तक पहुंच रही है।