झांसी। जिले में गेहूं खरीद सुस्त रफ्तार से चल रही है। वहीं गेहूं का भंडारण भी धीमी गति से हो रहा है। गोदामों से ट्रकों को कई कमियां बताकर लौटाया जा रहा है। साथ ही, पुराने बोरे भी केंद्र प्रभारियों की मुश्किल बढ़ा रहे हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन कोई कदम उठा नहीं रहा है।
जिले में 79 क्रय केंद्रों पर अब तक 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। जबकि जिले के छह एफसीआई गोदामों पर अब तक 30 हजार एमटी गेहूं का ही भंडारण हो सका है। इसके अलावा तमाम ट्रक कमियां गिनाकर गोदामों से लौटा दिए जाते हैं। बताया जाता है कि एफसीआई के अधिकारी गेहूं में चमक होने का हवाला देकर ट्रक को वापस कर देते हैं। इसके साथ ही हाल ही में केंद्रों को पुराने बोरे मुहैया कराए गए हैं। इन बोरों को केंद्र प्रभारी धूप में रखने के बाद गेहूं भरवाकर गोदामों पर भेज रहे हैं। लेकिन गोदामों से ट्रक को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि बोरों में कीड़े लगे हुए हैं। इसके चलते केंद्र प्रभारियों की मुसीबत बढ़ी हुई है। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन गेहूं खरीद पर जोर दे रहा तो गोदामों पर ट्रकों की लाइन लग रही है। ट्रकों से बोरे नहीं उतरने से दिक्कत बढ़ रही है। वहीं जब ट्रक वापस लौटता है, तो उसका भाड़ा और बीच रास्ते में पड़ने वाले टोल का वहन भी करना पड़ता है। उधर एफसीआई अधिकारियों का कहना है कि कभी-कभी गेहूं में चमक की दिक्कत आती है। असमय बारिश होने के चलते जिले के कुछ क्षेत्रों में गेहूं सिकुड़ गया है। इसके चलते कुछ ट्रकों को लौटाया गया है। जिसे केंद्र प्रभारी अपने स्तर से विक्रय कर सकते हैं।
श्रमिकों की कमी का दिया जा रहा हवाला
गोदामों पर ट्रकों की लाइन लग रही है। एफसीआई के छह गोदामों पर रोज तकरीबन 60 ट्रकों से बोरे उतर रहे हैं। बताया जाता है लॉकडाउन के चलते श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं। ट्रकों से गेहूं के बोरों को उतारने के लिए कुशल श्रमिकों की जरूरत होती है। ऐेसे में कुछ ही श्रमिकों से काम चलाया जा रहा है। जिसके चलते देरी हो रही है। वहीं मऊरानीपुर स्थित गोदाम में भंडारण पूरा होने के चलते ट्रकों से बोरे उतारना बंद कर दिया गया है।
भोजला मंडी में होगा भंडारण
एफसीआई के कुछ गोदामों में भंडारण पूरा होने के चलते अब भोजला मंडी में जगह की व्यवस्था की गई है। यहां एफसीआई ने तीन शेड और एक गोदाम का अधिग्रहण किया है। यहां करीब चार हजार एमटी गेहूं का भंडारण किया जाएगा।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक चमक कम होने पर गेहूं नहीं लिया जा सकता है। इसलिए कुछ ट्रक वापस किए गए हैं। गोदामों में गेहूं का पर्याप्त भंडारण हो रहा है। श्रमिक कम होने से ट्रक उतारने में दिक्कत हो रही है। जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा।
रवींद्र जादम, क्षेत्रीय प्रबंधक एफसीआई
ट्रक लगातार गोदामों पर भेजे जा रहे हैं। 30 हजार एमटी गेहूं उतार लिया गया है। श्रमिक कम होने से ट्रक उतरने में देरी हो रही है। बारिश होने के चलते कई स्थानों का गेहूं सिकुड़ गया है, जिसे नहीं लिया जा रहा है। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
अनूप सिंह, डिप्टी आरएमओ
बोरों में कीडे़ लगने का हवाला देकर गेहूं को वापस किया जा रहा है। गोदामों पर ट्रकों की लाइन लग रही है। केंद्र पर भी जगह बची नहीं है। इसके लिए जिलाधिकारी महोदय से बात की गई है। जल्द ही समस्या दूर कर ली जाएगी।
नितिन वर्मा, जिला प्रबंधक पीसीएफ