ग्वालियर रोड क्रासिंग का गेट टूटने के बाद वहां काफी देर तक जबरदस्त जाम लगा रहा। भरी दोपहरी में लोग तपते रहे। वैसे भी यह क्रासिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 14 घंटे बंद रहती है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव अरसे से प्रदेश सरकार के पास फाइल में फंसा है। अब सरकार बदली है तो यहां ओवरब्रिज की उम्मीद भी बढ़ी है। अब देखना है कि ऐसा होता भी है या नहीं।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे ट्रेन आने का समय होने के कारण ग्वालियर रोड क्रासिंग का गेट बंद किया जा रहा था, तभी एक बाइक सवार एक तरफ का गेट (बूम) तोड़ते हुए चला गया। इसके बाद वाहनों को रोकने के लिए स्लाइडिंग बूम लगाए गए। ट्रेन गुजरने और दुबारा स्लाइडिंग गेट को खोलने में वक्त लग गया। इससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। गेट खुलते ही वाहन आमने-सामने आ गए, जिससे जाम लग गया। जाम खुलने में एक घंटे का समय लग गया। यहां व्यवस्था बनाने के लिए आए आरपीएफ जवान भी मूकदर्शक बने सब देखते रहे। इस दौरान तेज धूप में वाहन चालकों का बुरा हाल हो गया।
ऐसा यहां पहली बार नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति आए दिन बनी रहती है। कई बार प्रशासन से लोग यहां ओवरब्रिज बनाने की मांग करते रहे। रेलवे ने प्रस्तावित ओवरब्रिज के लिए स्वीकृति दे दी थी, लेकिन राज्य सरकार की मुहर लगना अभी बाकी है।
कैबिनेट की बैठक में उठाएंगे मुद्दा
वास्तव में ग्वालियर रोड क्रासिंग पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जल्द ही इस मुद्दे को कैबिनेट की बैठक तक ले जाऊंगा। ओवरब्रिज बनवाने की हर संभव कोशिश करूंगा। इस समस्या को दूर कराना मेरी प्राथमिकता में शामिल है।
रवि शर्मा, सदर विधायक।
रेलवे तैयार, प्रदेश शासन का इंतजार
ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे तैयार है। इसका प्रस्ताव प्रदेश शासन को भिजवा दिया गया है लेकिन अभी तक वहां से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामला अटका है। ओवरब्रिज निर्माण में 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि इस क्रासिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 14 घंटे क्रासिंग बंद रहती है।
ये रही सर्वे रिपोर्ट
शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रासिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रासिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। प्रस्ताव में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि अभी इस क्रासिंग से महीने में 1.75 लाख वाहन गुजरते हैं।
हर 15 मिनट में बंद हो जाती है क्रासिंग
मैं क्रासिंग से चंद कदम की दूरी पर उन्नाव बालाजी रोड पर रहता हूं। दिन भर क्रासिंग से आना-जाना बना रहा है। हर 15 मिनट में क्रासिंग के बंद होने के कारण बुरा हाल रहता है।
पंडित धीरज गौतम, उन्नाव बालाजी रोड
बच्चों को करना पड़ता है इंतजार
मुझे दोपहर के समय बच्चों को स्कूल से लेने जाना पड़ता है। अक्सर क्रासिंग के बंद मिलने से पंद्रह से आधे घंटे तक लेट हो जाता हूं। इस दौरान बच्चों को स्कूल में इंतजार करना पड़ता है।
प्रशांत गुप्ता, फ्रेंड्स कॉलोनी
विधायक चाहें तो बन जाए ओवरब्रिज
मेरी क्रासिंग के पास कार रिपेयरिंग की दुकान है। अधिकांश समय दुकान के सामने जाम की स्थिति रहने के कारण ग्राहक ही नहीं आते हैं। विधायक चाहे तो यहां पर जल्दी ब्रिज बन सकता है।
इम्तियाज, राजगढ़।
सीपरी बाजार से ज्यादा यहां जरूरी
मुझे लगता है कि सीपरी बाजार में अभी ओवरब्रिज की जरूरत अभी नहीं थी, जितनी आवश्यकता ग्वालियर रोड क्रासिंग पर है। यहां से तो निकलना मुसीबत भरा हो गया है।
राजेंद्र कुमार, रसबहार कॉलोनी।