झांसी। घटिया गुणवत्ता के ट्रांसफार्मर झांसी और ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ाधड़ खराब हो रहे हैं। उनको मुन्नालाल पावर हाउस के बगल में बने विद्युत कार्यशाला (वर्कशॉप) में सुधारने के लिए लाया जा रहा है। यहां हर महीने औसत तीन सौ ट्रांसफार्मर ठीक होते हैं, जबकि पिछले कुछ महीने से 400 से 450 ट्रांसफार्मर यहां सुधरने के लिए भेजे जा रहे हैं। इससे वर्कशॉप में ट्रांसफार्मरों का ढेर लग गया है।
पिछले कुछ महीने से सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ने और घटिया निर्माण के कारण से झांसी और ललितपुर में धड़ाधड़ ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। सबसे अधिक झांसी में हर महीने 400 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। दूसरा, बारिश के कारण भी एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए एक की जगह दो दिन का वक्त लग रहा है। आमदिनों में जहां वर्कशॉप में 20 से 25 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत हो जाती थी। इन दिनों यह संख्या घटकर 10 से 12 रह गई है। वर्कशॉप में जगह की कमी के कारण कई ट्रांसफार्मरों को सड़क किनारे ही रखना पड़ रहा है। दिन भर सड़क पर ट्रांसफार्मर उतरने से उससे रिसने वाला तेल सड़क पर फैलता है, जिससे हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
- खराब ट्रांसफार्मर जल्दी बदल सकें। इसके लिए आगरा, मैनपुरी, मथुरा और हाथरस वर्कशॉप से भी मंगाए गए हैं। जिन जगहों के ट्रांसफार्मर ज्यादा फुंक रहे हैं, उन स्थानों पर अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। अभी तक 46 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है। दूसरा, वर्कशॉप में जगह की कमी के कारण सड़क के किनारे ट्रांसफार्मर उतारने व चढ़ाने पड़ रहे हैं। कोई दुर्घटना न हो सके, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अनीस कुमार माथुर, अधिशासी अभियंता (वर्कशॉप)।
25 केवीए के सबसे अधिक फुंक रहे ट्रांसफार्मर
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगे हैं। ट्यूबवेल चलने और घटिया निर्माण के कारण इन ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या बढ़ जाती है। इस कारण 25 केवीए के हर रोज 10 से 15 ट्रांसफार्मर वर्कशॉप में सुधरने के लिए आ रहे हैं। वर्कशॉप में हर महीने में 10 व 25 केवीए के 100 से 150 ट्रांसफार्मर, 63 व 100 केेवीए के 50- 50 ट्रांसफार्मर, 250 व 400 केवीए के तीस ट्रांसफार्मर ठीक होते हैं।