संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। धौलपुर-बीना रेलमार्ग पर तीसरी लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। अब मात्र 33 किलोमीटर लाइन बिछनी बाकी है, जिसे इसी साल दिसंबर में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ट्रेनें पूरी रफ्तार से दौड़ेंगी।
दिसंबर में झांसी-बीना के बीच तीसरी लाइन का काम पूरा हो जाने के बाद वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से दिल्ली और मुंबई के लिए चलने वाली ट्रेनों को किसी दूसरी प्रीमियम ट्रेन के लिए बीच में नहीं रुकना पड़ेगा। साथ ही उनकी गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की जाएगी। वहीं, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बने नए कंट्रोल रूम से तीसरी लाइन पर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। बीना से धौलपुर तक 316 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर तीसरी रेल लाइन 4,869 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जा रही है। इसका उद्देश्य भारतीय रेल के प्रमुख मार्गाें में से एक धौलपुर-बीना रेल लाइन पर ट्रैफिक का बोझ कम करना है। वहीं, मालगाड़ी का भार भी पुराने ट्रैक से स्थानांतरित कर नई लाइन पर डाला जा सकेगा।
33 किलोमीटर का काम है बाकी
रेलवे ने धौलपुर से बीना के बीच पड़ने वाले लगभग सभी रेलखंडों का काम पूरा कर लिया है। अब यहां केवल दो रेलखंड का काम बाकी है, इसमें जाखलौन से धौर्रा 11 किलोमीटर और आंतरी से ग्वालियर 22 किलोमीटर का रेलमार्ग बचा है। हालांकि, इस पर भी पटरी बिछा दी गई है।
- जाखलौन-धौर्रा के बीच फंसा है पेच
तीसरी लाइन के जाखलौन और धौर्रा के बीच रेलवे और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के बीच पेच फंसा है। यहां 100 मीटर का ऐसा भूभाग है, जो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। ऐसे में यहां रेल लाइन नहीं बिछाई जा सकती। इसको लेकर अब रेलवे दूसरा विकल्प तलाश रहा है।
- बजट में तीसरी लाइन को मिले 102 करोड़ रुपये
झांसी से बीना के बीच तीसरी लाइन के काम को गति देने के लिए केंद्रीय बजट में मंडल को 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से ट्रैक का बचा हुआ काम भी तेजी से पूरा हो सकेगा।
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धौलपुर-बीना तीसरी रेल लाइन का काम अपने अंतिम चरण में है। इसे इसी साल दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इस लाइन के पूरा होने के बाद मंडल में ट्रेनों का ट्रैफिक तीसरी लाइन पर भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों की रफ्तार में बढ़ोतरी भी होगी।
दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक, झांसी