रेलवे अधिकारियों की मानें तो ट्रेनों में अब यात्रियों को पानी की किल्लत नहीं होगी। पानी भरने वाले हाइड्रेंट की जगह अब झांसी स्टेशन पर क्विक वाटरिंग सिस्टम लगने जा रहा है। इसमें हाइड्रेंड की जगह उच्च क्षमता के पंप लगाए जाएंगे, जो एक मिनट में सौ लीटर की जगह दो सौ लीटर पानी भरेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
स्टेशन पर पटरियों के बगल में लगे रहने वाले हाइड्रेंट की मदद से कोचों में पानी भरा जाता है। एक कोच की चार टंकियों को भरने के लिए 18 सौ लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। एक हाइड्रेंट से एक मिनट से सौ लीटर पानी भरा जा सकता है। अगर, सभी प्लेटफार्मों पर ट्रेनें खड़ी हैं और उनमें पानी भरने की गति एक मिनट में 75 लीटर ही रह जाती है। दूसरा, जिन ट्रेनों का ठहराव समय दस मिनट या इससे अधिक है उन ट्रेनों के कोचों में तो पानी भर जाता है। मगर, चार से आठ मिनट तक ही ट्रेनों में पानी भर पाना संभव नहीं हो पाता है।
इस समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे हाइड्रेंट की जगह अब क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाने जा रहा है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गौरव कुमार बंसल ने बताया कि महाप्रबंधक मूलचंद्र चौहान के इस सुझाव को रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा था, जिसे मंजूरी दी गई।
पंजाब व कानपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों का बुरा हाल
पंजाब व कानपुर से जो भी ट्रेनें आती हैं, उनमें बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां से आने वाली ट्रेनों में पानी की बहुत अधिक मांग रहती है। पंजाब से आने वाली ट्रेनों में आगरा आते-आते व कानपुर से आने वाली ट्रेनों में उरई आते-आते पानी खत्म हो जाता है। पंजाब की ओर से पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, राप्ती सागर, साबरमती एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस आदि गाड़ियां आती हैं।
नहीं रुकेगी महाकौशल एक्सप्रेस
झांसी। चित्रकूट धाम में अषाढ़-अमावस्या मेला के अवसर पर झांसी से स्पेशल ट्रेन का संचालन 12 जुलाई से 14 जुलाई तक होगा। इस बार उक्त अवधि में अप और डाउन महाकौशल एक्सप्रेस शिवरामपुर, भरतकूप और खुरंड स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इसी तरह निजामुद्दीन खजुराहो एक्सप्रेस का ठहराव सिंहपुर डूमरा स्टेशन पर नहीं होगा।