झांसी। टीकमगढ़ को खजुराहो से जोड़ने के लिए खरगापुर से छतरपुर के मध्य डाली गई नई रेल लाइन का मुख्य संरक्षा आयुक्त एसके बाजपेयी ने बुधवार को निरीक्षण किया। सीआरएस की हरी झंडी के बाद बाद इस नए रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।
बुंदेलखंड के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों के लोग आज भी आवागमन के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर हैं। मध्य प्रदेश से जुड़े टीकमगढ़ से खजुराहो के मध्य आने वाले कस्बे भी इस समस्या से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेल प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।
इसी पहल के तहत ललितपुर से टीकमगढ़ के मध्य 52 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होने के बाद टीकमगढ़ से खजुराहो को जोड़ने की योजना तैयार की गई थी। ललितपुर से खजुराहो की दूरी 175 किलोमीटर व टीकमगढ़ से खजुराहो की दूरी 123 किलोमीटर है।
वर्तमान में ललितपुर व टीकमगढ़ रेल मार्ग पर एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन झांसी से हो रहा है। हाल में ही टीकमगढ़ से नजदीक खरगापुर से छतरपुर के मध्य करीब 110 किलोमीटर में पटरियों को बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। टीकमगढ़ से खरगापुर स्टेशन के मध्य 35 किलोमीटर पटरियों को बिछाने का काम उत्तर मध्य रेलवे को करना था, जो पूर्व में ही पूरा किया जा चुका है।
बुधवार को चीफ सेफ्टी कमिश्नर (नॉर्थ ईस्ट सर्किल) एस के बाजपेयी स्पेशल ट्रेन से झांसी से खजुराहो पहुंचे। इसके बाद उन्होंने स्पेशल ट्रेन से खजुराहो से खरगापुर मार्ग का निरीक्षण किया। मंडल रेल प्रबंधक एस के अग्रवाल भी उनके साथ थे।