रेलवे अस्पताल प्रशासन का तुगलकी फरमान बुधवार को एक यात्री की जान का दुश्मन बन गया। गनीमत रही कि एमसीओ स्टाफ यात्री को सही समय पर सेना अस्पताल ले गया, जिससे यात्री की जान बच गई।
बुधवार को पुणे से जम्मूतवी जाने वाली गाड़ी संख्या 11077 डाउन झेलम एक्सप्रेस के स्लीपर एस-3 कोच की बर्थ संख्या 65 पर फौजी दलबीर सिंह भाई व भतीजे के साथ पंजाब के लिए यात्रा कर रहे थे। ललितपुर व झांसी के मध्य फौजी का अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ गया, जिससे कुछ देर बाद ही बेहोश हो गए। भाई ने तत्काल रेलवे स्टाफ को सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन के झांसी आने पर उन्हें कोच से उतारा गया। इस दौरान मौके पर पहुंचे रेल चिकित्सक ने फौजी की जांच के बाद तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इस पर चिकित्सक से एंबुलेंस मंगाने का आग्रह किया गया, मगर उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस न भेजने के आदेश जारी कर रखे हैं। इस दौरान मौके पर पहुंचे एमसीओ स्टाफ के जवानों ने फौजी की हालत बिगड़ती देखी तो उन्हें उपचार के लिए सेना के अस्पताल ले गए।
यात्री को कुत्ते ने काटा
झांसी। ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री को कुत्ते ने काट लिया। झांसी में यात्री से इलाज कराने के लिए उतरने को कहा गया, मगर वह तैयार नहीं हुआ।
गोरखपुर लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच में गोरखपुर निवासी दिनेश गोरखपुर से मुंबई के लिए यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जब लखनऊ स्टेशन पर खड़ी हुई थी, तभी प्लेटफार्म पर घूम रहे आवारा कुत्ते ने उन्हें काट लिया। रास्ते में उपचार न मिलने पर सूचना झांसी कंट्रोल को दी गई। ट्रेन के झांसी आने पर यात्री से उपचार के लिए उतरने को कहा गया, मगर वह तैयार नहीं हुए। उन्होंने गंतव्य स्टेशन पहुंचने पर उपचार कराने को कहा।
यात्री का मोबाइल चोरी
झांसी। वाराणसी से ग्वालियर जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस में कोंच निवासी हिमांशु गुर्जर यात्रा कर रहे थे। चलती ट्रेन में उनका मोबाइल चोरी हो गया। ट्रेन के झांसी आने पर उन्होंने मामले की जानकारी जीआरपी को दी।