कानपुर रेलवे ट्रैक पर रविवार की रात पटरियों पर घूम रहे बारह जानवर लखनऊ मुंबई एसी एक्सप्रेस के इंजन की चपेट में आ गए। इससे ट्रेन का इंजन खराब हो गया। बाद में मालगाड़ी के इंजन की मदद से ट्रेन को झांसी तक लाया गया। इतना ही नहीं मोंठ स्टेशन के नजदीक पटरी की पेंड्रो क्लिप टूटी होने पर दोबारा हादसा बच गया। घटना के कारण ढाई घंटे तक यातायात बाधित रहा। इससे चार अन्य ट्रेनें भी लेट हो गईं। वहीं, आरपीएफ और जीआरपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की।
रविवार की रात करीब ढाई बजे 22122 लखनऊ मुंबई एसी एक्सप्रेस उरई से झांसी की तरफ बढ़ रही थी, तभी एरच रोड स्टेशन के नजदीक पटरियों पर घूम रहे बारह जानवर इंजन की चपेट में आ गए। हालांकि, चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर पटरियों पर बड़ी संख्या में जानवर देखने के बाद ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। जानवरों का मांस कैटल गार्ड में फंसने ने इंजन ने काम करना बंद कर दिया। वहीं, ट्रेन के झटके के साथ रुकने पर कोचों में सो रहे यात्री जाग गए। किसी अनहोनी की आशंका को देख कई यात्री ट्रेन से उतरकर जानकारी लेते रहे। सूचना पर मोंठ और एरच रोड स्टेशन मास्टर आरपीएफ और जीआरपी के साथ मौके पर पहुंच गए। बाद में एरच रोड स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी का इंजन निकालकर ट्रेन में जोड़ा गया। ट्रेन जब मोंठ स्टेशन के नजदीक पहुंची तो वहां पटरियों के पिंड्रो क्लिप निकले पड़े थे। गनीमत रही कि ट्रेन सुरक्षित मौके से गुजर गई। सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों ने पेंड्रो क्लिप को ठीक किया। वहीं, ट्रेन के झांसी आने पर यातायात सामान्य हो सका। घटना के कारण अप और डाउन पुष्पक एक्सप्रेस, राप्ती सागर एक्सप्रेस और झांसी - लखनऊ पैसेंजर भी दो से तीन घंटे लेट हो गई।
इस मामले में आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा ने बताया कि पटरियों पर किसके जानवर घूम रहे थे? इस बात का पता लगाया जा रहा है। पिंड्रो क्लिप कैसे टूटी? इस बात की भी जांच शुरू कर दी गई है।