शिवपुरी बाईपास पर हो रहे टनल (सुरंग) व फ्लाईओवर के निर्माण के चलते एक बार फिर जाम ने कहर बरपाया। ग्वालियर-शिवपुरी मार्ग पर 8 किमी. तो कानुपर की ओर 5 किमी. तक जाम रहा। यहां फंसे 10 हजार से अधिक वाहनों को सुबह से शाम तक परेशानी झेलनी पड़ी। जाम का एक प्रमुख कारण बारिश भी बना। तीन दिन हुई बारिश थमने के बाद अचानक बढ़े ट्रैफिक से यहां जाम की समस्या उत्पन्न हुई।
शिवपुरी बाईपास पर पाल कॉलोनी के पास टनल व फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। यहां से वाहनों के निकलने में पहले से ही समस्या हो रही थी, शुक्रवार को अचानक बढ़े ट्रैफिक से जाम की समस्या बन गई। जानकारों ने बताया कि तीन दिनों तक बारिश के कारण वाहन रुके हुए थे। बारिश थमने के बाद ट्रैफिक बढ़ा तो उक्त मार्ग पर अचानक दबाव बढ़ गया। शिवपुरी से ग्वालियर मार्ग की ओर करीब 8 किमी. तक लंबा जाम रहा। कानपुर मार्ग की ओर भी 5 किमी. तक वाहनों के पहिये थम गए। राहगीरों को इधर-उधर होकर गुजरना पड़ा। कुछ ने बीच का रास्ता अपनाया, इसके बाद भी सफर पूरा नहीं कर सके। राहगीर बिगड़ी व्यवस्था से झल्लाए नजर आए। यातायात पुलिस के जाम से निजात के प्रयास विफल रहे।
जाम में फंसे स्कूल जाते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
हाईवे से सटे इलाकों के लोग शहर आने को तरसे
कुछ लोग ऐसी जगह फंसे रहे, जहां खाने-पीने के इंतजाम भी नहीं थे। जहां चाय-पानी, समाेसे आदि की दुकानें थीं, वहां भीड़ लगी रही। पाल कालोनी, गांव बूढ़ा, पहूज बांध, भोजला, ग्रासलैंड, भरारी फार्म, कानपुर हाईवे सहित आसपास के इलाकों से भी लोग शहर तक आने को तरसते रहे।
एनएचएआई अफसरों व यातायात पुलिस ने संभाला मोर्चा
जाम लगने पर एनएचएआई अफसरों के साथ यातायात पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाला। रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन आगे से वाहनों के आने का सिलसिला लगातार बना हुआ था। ऐसे में जो भी इंतजाम किए गए, वह नाकाफी रहे। सुबह से रात तक जाम की समस्या बनी रही। हालांकि, रेंग-रेंगकर वाहनों के निकलने का सिलसिला शाम को शुरू हो गया था।
यह बोले राहगीर
हैदराबाद से माल लेकर दिल्ली जा रहे ट्रक चालक देवेंद्र ने बताया कि इस रूट पर उनका अक्सर आना-जाना होता है। पिछले कुछ माह से वह देख रहे हैं कि जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। इस बार भी जाम मिला, धीरे-धीरे वाहन को आगे बढ़ा रहे हैं।
भूखे पेट जाम में फंसे रहे चार घंटे
ट्रक चालक जोगेंद्र ने बताया कि वह इंदौर से लखनऊ जा रहे हैं। वह ऐसी जगह फंसे हैं, जहां खाने-पीने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। कई घंटों से भूखे-प्यासे हैं। खाने-पीने का सामान न होने से काफी परेशानी हुई।
एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर अविनाश मंडीवाल का कहना है कि तीन दिनों से हो रही बारिश के रुकने से हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ा है। शिवपुरी बाईपास पर निर्माण के चलते समस्या पहले से है, ऐसे में यहां वाहनों को निकलने में परेशान हुई। रूट डायवर्ट कर देर रात तक जाम खत्म कर लिया जाएगा।