झांसी। रेलवे में कार्यरत गैंगमैन (ट्रैक मैन) का उनके ही अधिकारी शोषण कर रहे हैं। कर्मचारियों से पटरियों का रखरखाव करने की जगह घर में खाना पकाने आदि कार्य करा रहे हैं। ऐसे ही अधिकारियों के घरों में फंसे कुछ युवा गैंगमैनों ने रेल मंत्री व डीआरएम को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा बताई है।
पत्र में बताया गया कि वह रेल पथ निरीक्षक के अंडर में आते हैं। उनका काम पटरियों की मरम्मत व रखरखाव करना है। सुरक्षा व संरक्षा की दृष्टि से रेलवे में यह कार्य सबसे अहम माना जाता है। वह जब से नौकरी में आए हैं अपने काम की एबीसीडी नहीं सीख सके हैं।
उनके अधिकारी (पीडब्लूआई) अपने घरों व अपने रिश्तेदारों के यहां उनसे काम करा रहे हैं। उनसे घर में झाडू- पोंछा, कपड़े धुलवाने, खाना पकाने आदि काम कराए जाते हैं। बच्चों व कुत्तों को घुमाने जाना पड़ता है। पीडब्लूआई के आदेश पर उनको उच्च अधिकारियों के बंगलों पर भी काम करने जाना पड़ता है। इतना भी नहीं कि उनसे कम काम लिया जाए। बारह घंटे तक उनको घरों में नौकरी बजानी पड़ती है।
वहीं, वृद्ध गैंग मैनों से रेल पटरियों पर काम कराया जा रहा है। रेलवे यूनियन भी उनकी समस्याओं नहीं उठाती है, क्योंकि उनके पदाधिकारी भी उनकी सेवाएं लेते हैं। उन्हें अपने आप में ग्लानि होने लगी है कि उन्होंने डिग्रियां क्यों हासिल कीं। पत्र में पीड़ित गैंगमैनों ने आग्रह किया है कि घरों में काम करने के लिए उनकी ग्रेड के ही समानांतर कर्मचारियों की भर्ती कराई जाए, ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।
मालूम हो कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। रेलवे में वर्षों से गैंगमैनों व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से घरों में काम कराने की परंपरा चली आ रही है। विजिलेंस तक से कई बार शिकायतें हो चुकी हैं। मगर मामला अधिकारियों से जुड़ा होने के कारण मामला शांत पड़ जाता है।