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बटन दबाते ही अफसरों को मिलेगा पटरी चटकने का संदेश

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Train tracks in rural area. - फोटो : Darren Hester
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झांसी। सर्दी के मौसम में पटरी चटकने के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए रेलवे ने कवायद शुरू कर दी गई है। मंडल के गैंगमैन व की-मैन जीपीएस युक्त हैंड हेल्ड मशीन से लैस कर दिया गया है। मशीन का बटन दबाते ही कुछ ही मिनटों में पटरी चटकने की सूचना अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। ऐसे में हादसे का डर भी नहीं होगा।
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सर्दी व कोहरा होने के कारण अकसर पटरी चटकने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में हादसे का डर भी सताता रहता है। स्टेशनों के बीच में पटरियों की निगरानी के लिए ट्रैकमैन, की-मैन व गैंगमैन व अन्य रेलकर्मियों की ड्यूटी होती है। वह नियमित रूप से चौबीस घंटे पटरियों की जांच करते हैं। कमी पाए जाने पर तुरंत अधिकारियों को सूचना दी जाती है। ऐसे में थोडा वक्त भी लगता है। जिससे हादसे का डर भी बना रहता है।
इन हादसोें पर रोक लगाने के ल्रिए मंडल में पटरियों पर पेट्रोलिंग करने वाले करीब पांच सौ गैंगमैन व की-मैन को जीपीएस युक्त हैंड हेल्ड मशीनें दी गई हैं। इन मशीनों से न सिर्फ हादसों पर भी अंकुश लगेगा बल्कि पलक झपकते ही जानकारी मिलेगी। मशीन का बटन दबाते ही अधिकारियों को सूचना मिल जाएगी और तुरंत ही टीम पहुंचकर चटकी पटरी को ठीक करेगी। यही नहीं, समय पर ट्रेन को भी रुकवाया जा सकेगा। ऐसे में हादसे का डर भी नहीं रहेगा।
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ऐसे काम करती है मशीन
यह मशीन जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) से भी लैस रहेगी। गैंगमैन व की-मैन को को दी जा रही मशीन में तीन बटन हैं। इनमें एक बटन दबाने पर इंजीनियरिंग कंट्रोल, दूसरा बटन दबाने पर पीडब्लूआई और तीसरा बटन दबाने पर संबंधित एक्सईएन के पास सूचना पहुंच जाएगी। इस मशीन के जरिए दो रेलवे स्टेशनों से भी संपर्क बना रहेगा।
पटरी में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने की जानकारी मशीन के माध्यम से समय पर मिलेगी। गैंगमैन व की-मैन की लोकेशन भी पता चलेगी। जिससे रेल हादसों को भी रोकने में मदद मिलेगी।
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मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी
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