झांसी। केरल में मानसून आने का असर झांसी में भी दिखाई दिया। देर रात हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को तपिश भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। झांसी में मानसून 22 जून के बाद आने का पूर्वानुमान मौसम विभाग द्वारा लगाया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को सुबह भी तापमान अधिक रहा और गर्मी से लोगों के पसीने छूटते रहे, पर रात में मौसम ने करवट ली और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी के बाद मौसम में थोड़ी ठंडक आ गई। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अब मौसम बदलने लगा है, रात में हल्की बूंदाबांदी और हवा से बदले मौसम का अहसास हुआ। इस बार बारिश भी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में ज्यादा होने की संभावना है। यह किसानों के लिए खुशी की खबर है। पिछले दो, तीन सालों में सूखे का दंश झेल रहे बुंदेलखंड में इस बार झमाझम बारिश हो सकती है।
बुधवार को केरल में मानसून आ गया है, हालांकि तय समय से यह एक सप्ताह देरी से आया है। इसके बाद भी घबराने की जरूरत नहीं है। पहले यह अनुमान था कि 20 जून के बाद प्री मानसून आएगा, पर अब झांसी व आसपास के जनपदों में प्री मानसून 20 से एक, दो दिन पहले आ सकता है। जबकि, 22 जून के बाद मानसून यहां भी दस्तक दे सकता है।
महंगाई पर लग सकता है मरहम
मौसम विभाग इस बार की बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद बता रहा है। इस लिहाज से खरीफ की फसलों को फायदा मिलेगा और दालों को बढ़ावा मिलेगा। अभी दालों की कीमतें आसमान छू रही हैं, इसलिए मौसम के साथ देने से पैदावार अच्छी होगी। पैदावार अच्छी होने से मार्केट में इनकी कीमतों में गिरावट आएगी, तो इससे महंगाई पर मरहम लग सकता है।
सुझाव
मानसून आने के पहले किसान मिट्टी का परीक्षण अवश्य करवा लें, इससे पोषक तत्वों का स्तर पता चल जाएगा। इसी आधार पर खाद, उर्वरकों का इस्तेमाल करें। अभी रसायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से मिट्टी की दशा खराब हो रही है। इसके साथ ही गुणवत्ता भी कम हो रही है। मिट्टी में सुधार लाने के लिए ढैंचा की हरी खाद का प्रयोग करें। यह जैविक है, इससे खरीफ की फसल का जीवांश बढ़ जाएगा।
अक्टूबर में सब्जी, मटर की फसल लगाएंगे, तो उन्हें काफी लाभ होगा। इसके बाद बोई जाने वाली गेहूं की फसल का तो डेढ़ गुना उत्पादन मिलेगा। आगे के वर्षों में भी फसलों के बाद पैदावार में 20 फीसदी इजाफा हो जाएगा।
केरल में मानसून आ गया है। अभी झांसी व आसपास के जनपदों में बादल नहीं हैं, पर 22 के बाद मानसून दस्तक दे सकता है। पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार बारिश अच्छी होगी।
- प्रो. मुकेश चंद्र, मौसम वैज्ञानिक