झांसी। रेल मंडल से संचालित सभी ट्रेनों के कोच में बायो टॉयलेट लगाए जा चुके हैं। अब कर्मचारियों के मेंटेेनेंस काम के लिए बनाईं र्गइं टावर वैगन और दुर्घटना राहत वाहन के शौचालय में भी बायो टॉयलेट लगाए जा रहे हैं। इससे पटरियों पर मल- मूत्र फैलने की कोई संभावना नहीं रहेगी।
रेल प्रशासन स्वच्छता को लेकर बेहद गंभीर है। पटरियों पर कहीं भी गंदगी न दिखे इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंडल से संचालित 25 से अधिक ट्रेनों में 508 कोच लगे हैं। इन सभी कोचों में बायो टॉयलेट की सुविधा प्रदान की कर दी गई है। इसके लिए उक्त कोचों में 1950 बायो टैंक लगाए गए हैं। साथ ही, प्रशासन कोच और उनके शौचालय को और बेहतर बनाने में लगा है। इसके अलावा अब टावर वैगन और दुर्घटना राहत वाहनों के शौचालय में भी बायो टैंक लगाए जा रहे हैं। टावर वैगन में सवार होकर कर्मचारी हाइटेंशन लाइन और सिगनल संबंधी फाल्टों को दूर करने के लिए जाते हैं। जबकि दुर्घटना राहत वाहन का उपयोग किसी गाड़ी के पटरी से उतरने व अन्य दुर्घटनाओं के लिए होता है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि टावर वैगन और दुर्घटना राहत वाहन में जल्द ही बायो टैंक लगने जा रहे हैं। इसके बाद मंडल में कोई भी कोच बायो टैंक के बिना नहीं रहेगा।