झांसी। कानपुर की घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों पर शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को पुलिस ने टॉप टेन सूची में शामिल करने के साथ ही घर से दो असलहे उठाकर सीज किए हैं। पुलिस ने शिंकजा कसने की कवायद भी शुरू कर दी है।
कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस अपराधियों की सूची तैयार कर शिंकजा कस रही है। दो दिन पहले झांसी पहुंचे एडीजी ने समीक्षा कर बदमसशों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। रविवार को एक्शन में आई कोतवाली पुलिस ने सबसे पहले कारोबारी संजय वर्मा पर शिंकजा कसते हुए टॉप टेन सूची में शामिल किया। इसके बाद घर जाकर पुलिस ने पिस्टल व डबल बैरल बंदूक को कब्जे में लेकर सीज किया है। वर्तमान में संजय वर्मा व उसके साथी मीना सोनी की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। एक साल बीत जाने के बाद पुलिस आज तक उसका शव बरामद नहीं कर सकी। एक साल पहले दिल्ली ले जाकर हत्या के बाद लौटते समय कालपी के पास यमुना नदी में लाश फेंक दी थी। मीना सोनी की बहन आभा सोनी पुलिस के अफसरों से मिलकर कार्यवही की मांग भी उठा चुकी हैं। लेकिन शव बरामद नहीं हो सका।
डीएम को भेजी रिपोर्ट
इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट बनाकर कोतवाली पुलिस ने डीएम को भेजी है। अब असलहा निरस्त की कार्रवाई भी होगी। बताया गया है कि संजय वर्मा ने अपने रिश्तेदारों व अन्य लोगों के नाम से असलहे लिये हैं। अब पुलिस उनकी भी पड़ताल करने में जुटी है। संजय वर्मा पर हत्या के सात मामले दर्ज हैं। तीन मामले कोतवाली, एक बड़ागांव, तीन नवाबाद में दर्ज हैं। चंदशेखर गुर्जर, प्रियंका बुधौलिया व मीना सोनी की हत्या के मामले सुर्खियों में रहे।