जिले में जमीन के नये प्रस्तावित सर्किल रेट पर निबंधन विभाग को दो दर्जन आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका बृहस्पतिवार को निस्तारण किया जाएगा। तदुपरांत, नई दरें लागू कर दी जाएंगी।
सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है। इसका निबंधन विभाग द्वारा मसौदा तैयार कर लिया गया था, जिस पर आम जनमानस से बुधवार तक आपत्तियां मांगी गईं थीं। इस पर विभाग को दो दर्जन आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। सर्वाधिक एक दर्जन आपत्तियां झांसी सदर तहसील क्षेत्र से आई हैं। शेष आपत्तियां अन्य तहसीलों की जमीनों की आई हैं। इनमें प्रस्तावित सर्किल रेट को संशोधित कर कम करने की मांग की गई है। प्राप्त आपत्तियाें का बृहस्पतिवार को परीक्षण होगा। तदुपरांत, यह जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा।
मालूम हो कि निबंधन विभाग द्वारा प्रस्तावित मसौदे में झांसी सदर तहसील क्षेत्र की जमीनों के सर्किल रेट में व्यापक संशोधन किया गया है। झांसी खास, डड़ियापुरा, तालपुरा व पिछोर मौजा में कृषि दरें समाप्त कर दी गई हैं। यहां नये सर्किल रेट के मुताबिक आवासीय रजिस्ट्रियां होंगी। इसी प्रकार झांसी विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल गांव पाड़री, अंबावाय, गोरामछिया, टाकोरी, दिगारा, भोजला, मुस्तरा, बराठा, बड़ागांव, पठेश्वर, तोर बराठा, बचावली खुर्द व बचावली बुजुर्ग में सर्किल रेट में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की गई है।
इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र में दो से दस प्रतिशत तथा अर्द्ध नगरीय क्षेत्र लहरगिर्द, गढ़ियागांव व सिमरावारी में चार से दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है। साथ ही सिमरावारी, सफा, डगरिया रूंद, मथुरापुरा व बाजना को अर्द्ध नगरीय क्षेत्र में शामिल करते हुए रेट बढ़ाए गए हैं।