संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रमजान के पहले जुमा (शुक्रवार) के चलते मस्जिदों में न केवल विशेष नमाज होगी, बल्कि इबादत का दौर और दिनों से ज्यादा नजर आएगा। लिहाजा मस्जिदों में इंतजाम पहले से मुकम्मल किए गए हैं। मस्जिदों में भीड़ अधिक पहुंचने की संभावना के चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है।
मुस्लिम इलाकों में रौनक, बच्चों में दिख रहा उत्साह
- सुबह-शाम की सर्दी के बीच आए माह-ए-रमजाय के छह दिन गुजर चुके हैं। फज (अल सुबह) से शुरू होने वाला इबादत का दौर नमाज-ए-तरावीह (देर रात) तक जारी बना हुआ है। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में रौनक तो दिखायी दे ही रही है, साथ ही बच्चों से लेकर बड़ों सब में उत्साह बना हुआ है।
बदली-बदली नजर आ रही रंगत, युवाओं ने बदला रहन-सहन
- कल तक जींस-टीशर्ट में नजर आने वाले युवाओं ने रमजान के माह में अपने आपको बिल्कुल से बदल लिया है। आज वह कुर्ता-पायजामा और सिर पर टोपी में नजर आने के साथ खुदा की इबादत में मशगूल नजर आ रहे हैं। मुस्लिम युवाओं से इस मसले पर बात की तो उन्होंने कुछ यूं अपनी बात बयां की...
- रमजान माह इबादत का माह है। लिहाजा हम युवा इन दिनों में अपने आपको खुदा की इबारत में झोंक देते हैं। इसी चलते हमारा लिवाज और हुलिया पूरी तरह से मौलाना की तरह नजर आता है।
- वसीम अकरम, शहर जामा मस्जिद।
- सुबह सहरी से लेकर देर रात तरावही-ए-नमाज तक इबादत में रहते हैं। इस समय हम लोग काम भी पूरी तरह छोड़ देते हैं। बहुत ही जरूरी कामों पर समय देते हैं, वरन अधिकांशत: समय इबादत में गुजारते हैं।
- अब्बास, निवासी अंदर सैंय्यर गेट
- रमजान सब्र का महीना है। अल्लाह पर यकीन का महीना है। इसी चलते हम ज्यादा समय इबादत में गुजारते हैं। सभी कुरान की तिलावत करें, खुदा की इबादत में अपने आप को झोंके।
- राशिद मंसूरी
निवासी अंदर सैंय्यर गेट
- मजलूमों की मदद करना भी इबादत का एक हिस्सा है। ऐसे में रमजान में हम कुछ युवा टोलियां बनाकर गरीब व असहायों को खाने-पीने से लेकर पहनने-उड़ने के सामान देकर मदद कर रहे हैं।
- रियाज।