नोटबंदी की चोट से लोग रविवार को भी कराहते रहे। ज्यादातर एटीएम नहीं चले। लोग रुपये निकालने के इस एटीएम से उस एटीएम तक भटकते रहे। कुछ एटीएम में कैश था लेकिन वहां भीड़ पहुंच गई और देखते ही देखते वे भी खाली हो गए। एक व्यक्ति को दो हजार रुपये ही मिल सके।
बैंकों में तीन दिन की लगातार छुट्टी होने के कारण रुपये निकालने का एकमात्र सहारा एटीएम है मगर उसने भी लोगों को निराश किया। ज्यादातर लोगों को जरूरत के मुताबिक रुपये नहीं मिल सके। रविवार की छुट्टी एटीएम का चक्कर लगाते बीती। शाम चार बजे इलाइट चौराहा स्थित एसबीआई, पीएनबी, देना बैंक, इलाहाबाद बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक समेत आसपास के सभी एटीएम बंद रहे। खंडेराव गेट स्थित पीएनबी का एटीएम बंद रहा, लेकिन एसबीआई के एटीएम से रुपये निकल रहे थे। कचहरी चौराहा स्थित पीएनबी समेत अन्य बैंकों के एटीएम बंद रहे जबकि एसबीआई का एटीएम चलता रहा। बीकेडी चौराहे के आसपास भी ओरियंटल बैंक, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, एसबीआई के एटीएम बंद रहे। ध्यानचंद्र स्टेडियम के सामने स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपये निकलते रहे। स्टेशन पर स्थित एसबीआई का एटीएम भी नहीं चला।
दो हजार के लिए 40 किलोमीटर का चक्कर
कोई चालीस किलोमीटर दूर पृथ्वीपुर से आए शिक्षक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि पहली तारीख को सैलरी खाते में आई है। वहां की बैंकों में कैश कि किल्लत है तो यहां तक आ गए। रास्ते में दस एटीएम मिले पर रुपये नहीं। पृथ्वीपुर और ओरछा के सारे एटीएम खाली मिले। अब झांसी के कचहरी चौराहे स्थित एसबीआई के एटीएम से दो हजार रुपये निकाले हैं। रविवार का पूरा दिन इसी कवायद में बीत गया।