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भाइयों को तिलक कर मांगी लंबी आयु

Sat, 14 Nov 2015 01:04 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर शुक्रवार को बहनों ने अपने-अपने भाइयों के माथे पर तिलक एवं आरती कर उनकी सुखी एवं लंबी आयु की कामना की। भाइयों ने भीबहनों को एक से बढ़कर एक उपहार प्रदान किए।
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भाई दूज को लेकर सुुबह से ही लोगों में खासा उत्साह नजर आया। पर्व के अवसर पर महिलाओं ने परंपरागत रूप से अपने - अपने घर के द्वार पर पूजन किया। इसके पश्चात बहनों ने अपने-अपने भाइयों के माथे पर जीवन में सुख संपदा की कामना से रोली, चंदन व चावल से तिलक किया तथा मिष्ठान खिलाया। इस मौके पर भाइयों ने भी बहनों को गिफ्ट  प्रदान किए । लोगों ने सामूहिक रूप से पर्व की खुशियां आपस में बांटीं।

इधर बाजार में भी भाई दूज को लेकर खासी रौनक सुबह से रही। बाजार बंद होने के बावजूद गली मुहल्ले में खुले मिठाइयों के स्टालों व प्रतिष्ठानों पर महिलाओं व ग्राहकों की खूब भीड़ रही, जिसके चलते कई स्थानों विश्ेाषकर गंधीगर का टपरा, राई का ताजिया, बड़ागांव गेट आदि स्थानों पर जाम की स्थिति रही।
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जेल में उमड़ी बहनों की भीड़
झांसी। भाई बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व भाई दूज पर जेल में भी खासी रौनक रही।  जेल में निरुद्ध भाइयों को रक्षा तिलक लगाने को यहां सुबह से ही बहनों का जमावड़ा लगा रहा। जेल के भीतर प्रवेश के लिए बहनें बाहर घंटों प्रतीक्षा करती रहीं। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक यही स्थिति बनी रही। जेल प्रशासन द्वारा भाई दूज पर्व के मौके पर मिलाई के विशेष प्रबंध किए गए थे। दो पालियों में मिलाई की व्यवस्था की गई थी।
 
भर कर चलीं रोडवेज बसें
झांसी। रोडवेज के लिए इस वर्ष दीपावली पर्व काफी मुनाफेदार साबित हुआ।  विभागीय सूत्रों के मुताबिक सात नवंबर से सरकारी बसों में भीड़ रही। इस कारण विभाग को दीपावली सीजन में प्रतिदिन लगभग 15 लाख रुपये की आमदनी हुई है। रोडवेज ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लोहिया बसों को भी कानपुर मार्ग पर दौड़ाया। भाई दूज के अवसर पर बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ नजर आई। गंतव्य स्थलों पर जाने के लिए लोग सरकारी एवं निजी बसों में जगह न होने के बावजूद सफर करने को मजबूर रहे। मैजिक गाड़ी व टैंपो भी ठसाठस भरकर चले।

चित्रगुप्त व कलम दावत का पूजन हुआ
 झांसी। विभिन्न समाजसेवी संगठनों के तत्वावधान में भगवान चित्रगुप्त एवं कलाम दवात की पूजा विधिवत रूप से की गई। इस मौके पर वक्ताओं ने कायस्थ समाज की एकता पर बल दिया। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के तत्वावधान में जिला कार्यालय में भगवान चित्रगुप्त जी क ा पूजन हुआ।  इस अवसर पर राजेश कुमार श्रीवास्तव, सर्वेश सक्सेना, प्रशांति सिन्हा, प्रकाश चंद्र खरे, अजय कुमार सक्सेना, अभिषेक सक्सेना, ओम खरे, अंकुश सक्सेना, अनिल सक्सेना, अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

कायस्थ सभा द्वारा पानी वाली धर्मशाला स्थित प्राचीन सिद्ध स्थल भगवान चित्रगुप्त जी के मंदिर में भगवान चित्रगुप्त एवं कलाम दवात की पूजा की गई। इस मौके पर भगवान चित्रगुप्त, कुल देवी मां राज राजेश्वरी व संतोषी माता का भव्य श्रृंगार किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सहाय सक्सेना ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त सिर्फ कायस्थों के ही आराध्य नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक उस मानव के आराध्य हैं, जो सत्य कहने व कलम के धनी हैं। इस अवसर पर प्रणय श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, रवि सक्सेना, राजेंद्र कुमार सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, नवीन प्रकाश वर्मा, पंकज सक्सेना, अतुलेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।

वहीं कायस्थ सेवा समिति के तत्वावधान में कोतवाली के समीप स्थित मदर टेरेसा स्कूल में भगवान चित्रगुप्त जी का पूजन हुआ। कार्यक्रम में एके खरे व गोलू खरे ने संगीतमय आरती की। इस अवसर पर सतीश चंद्र श्रीवास्तव, हरी कृष्ण सक्सेना, एसपी श्रीवास्तव, पुष्पा सक्सेना, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, विनोद कुमार खरे, निखिल राज सक्सेना, वरुण राज सक्सेना, राम कुमार खरे, नंद लाल खरे आदि मौजूद रहे।

मौनिया नृत्य कर बांधा समां
झांसी। दीप पर्व श्रृंखला के अंतर्गत महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की विभिन्न टोलियों ने बुंदेली मौनिया नृत्य का प्रदर्शन किया। इस मौके पर कई संगठनों व लोगों ने मौनिया नृत्य कर रहे युवाओं का स्वागत किया। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए परंपरागत बुंदेली कला परिवेश में सजे धजे मोर पंख, पैरों व कमर में घुंघरू बांधे युवाओं क ी टोलियों ने ढोलक, झींका, मंजीरा व बुंदेली वाद्य यंत्रों की धुन पर सामूहिक नृत्य कर लोगों को आकर्षित किया।

वहीं मालिनों के चौराहा पर निवाड़ी, मऊरानीपुर, दतिया, बड़ागांव, करैरा के मौनिया नृत्य कलाकारों ने अपने अपने नृत्य का प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके  सधे हुए नृत्य कौशल से लोग खासे आकर्षित हुए। इस मौके पर बुंदेलखंड साहित्य संगीत कला संस्थान ने कलाकारों की टोलियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर रवीश त्रिपाठी, प्रदीप सोनी, सुभाष चौरसिया, रमेश माली, अंकुर अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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