फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों टिड्डियों के दो दलों की झांसी आने की आशंका

विज्ञापन
tiddi dal, wheat - फोटो : DEHAT
विज्ञापन
झांसी। अगले दो दिनों के भीतर करोड़ों टिड्डियों के दो दल झांसी में प्रवेश कर सकते हैं। जी हां, दोनों दलों के अलग-अलग दिशाओं से यहां दाखिल होने की संभावना जताई जा रही है। ये दोनों दल बीते रोज शुक्रवार को झांसी पहुंचे टिड्डी दल से कहीं अधिक बड़े हैं। इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
विज्ञापन

शुक्रवार की शाम तकरीबन पांच बजे अचानक महानगर के आसमान में करोड़ों की संख्या में कीट मंडराने लगे थे। ग्वालियर रोड दिशा से आगे बढ़ता हुआ टिड्डियों का दल महानगर में प्रवेश कर गया था। महानगर से होता हुआ ओरछा की ओर आगे बढ़ गया था। ओरछा के पास आजादपुरा में रात में ये हरियाली में अपना डेरा डाले रहा। शनिवार की सुबह यहां से टिड्डी दल बरुआसागर, रानीपुर, कटेरा, बंगरा होते हुए टीकमगढ़ की ओर बढ़ गया। लेकिन, खतरा अब भी टला नहीं है। टिड्डियों के दो बड़े दलों के झांसी आने की संभावना जताई जा रही है। आधा किलोमीटर लंबा टिड्डियों का एक दल दतिया के रास्ते रविवार को झांसी पहुंच सकता है। जबकि, तीन से चार किलोमीटर लंबा दूसरा दल के राजस्थान के सीकर से सोमवार को झांसी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम झांसी पहुंच चुकी है, जो चिरगांव में डेरा डाले हुए है। इसके अलावा प्रशासन ने भी अलर्ट कर दिया है। शनिवार को विकास भवन में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने खंड विकास अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। साथ ही टिड्डी दल पर दवा के छिड़काव के लिए ब्लाक स्तर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात कर दी गईं हैं। डीएम ने कहा कि जहां घास अधिक है, वहां अधिक प्रकोप हो सकता है। ऐसे स्थान चिह्नित कर लिए जाएं और दल के मूवमेंट की जानकारी साझा की जाए। जहां टिड्डी दल के रुकने की संभावना है वहां रात आठ से दो बजे के बीच दवा का छिड़काव करना होगा।
विज्ञापन

डीजे की मदद से भगाए जाएंगे टिड्डी
जिलाधिकारी ने कहा कि जहां टिड्डी दल के पहुंचने की संभावना है वहां डीजे साउंड की व्यवस्था कर ली जाए। शोर से टिड्डी भागते हैं। वहीं, उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बताया कि साउंड के अलावा टिड्डी दल को भगाने के लिए बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर, ढोल, नगाड़े, कनस्तर, थाली आदि का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा धुआं करके भी टिड्डियों को भगाया जा सकता है।
सभी सावधान रहें
उप कृषि निदेशक ने बताया कि टिड्डी के आगमन के दौरान छत पर न जाएं और खिड़की दरवाजे बंद कर लें। जमीन पर ही रहें। क्योंकि, करोड़ों टिड्डियों के अचानक आने पर घबराहट में छत से गिर भी सकते हैं। खासतौर पर बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दें।
हवा का रुख बदल सकता है दिशा
हवा का रुख टिड्डी दलों की दिशा बदल सकता है। लेकिन, अभी जो हवा का रुख है, उसके मुताबिक उक्त दोनों दलों के झांसी आने की संभावना जताई जा रही है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान ने बताया कि टिड्डी दलों के विचरण में हवा की बड़ी भूमिका होती है। ये हवा की दिशा में ही आगे बढ़ते हैं। रात में हरियाली पर रहते हैं। दिन में आगे बढ़ते हैं।
बरुआसागर में खेतों में घुसे टिड्डी
बरुआसागर । शनिवार की सुबह नगर एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में टिड्डी दल का प्रकोप देखा गया। अचानक आए असंख्य कीटों के समूह ने खेतों में लगी फसलों पर हमला कर दिया। ग्रामीण क्षेत्र के बनगुआ, कोलवा, नोटक्षीर, फुटेरा, तेंदोल, घुघुआ, चिपलोठा आदि ग्रामों में इनका खासा असर देखा गया। ग्रामीणों ने थाली, बर्तन आदि बजाकर टिड्डियों को भगाने की कोशिश की। वहीं, कस्बे में अचानक टिड्डियों को मंडराते देख लोग घरों व दुकानों में छुप गए। गनीमत रही कि ये टिड्डी दल ओरछा के आजादपुरा से पहुंचा था। यहां रात में इन पर दवा का छिड़काव किया गया था, जिससे इनका प्रकोप कम हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें