पुष्पक एक्सप्रेस के वातानुकूलित कोच में सवार एक यात्री के पास टिकट न होने पर कोच कंडक्टर ने ट्रेन को झांसी स्टेशन से आगे नहीं बढ़ने दिया। बाद में सहयात्रियों ने रुपये एकत्रित कर यात्री की जुर्माना रसीद बनवाई, तब ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हो सकी। वहीं, झांसी में उतरे दो यात्रियों ने कोच कंडक्टर के रुपये लेने के बाद भी जुर्माना रसीद न देने की लिखित शिकायत की।
अमेठी के सुकुल बाजार दारा नगर निवासी लक्ष्मी नारायण (52) पुत्र भगवती प्रसाद व मिथलेश कुमारी (23) का एक साथ गाड़ी संख्या 12533 अप पुष्पक एक्सप्रेस के बी कोच की बर्थ संख्या 33, 34 पर लखनऊ से कल्याण स्टेशन तक का आरक्षण था। लखनऊ में ट्रेन में चढ़ने से पूर्व यात्री का टिकट खो गया। ट्रेन पर चढ़ने से पहले यात्री ने अपनी आईडी दिखाते हुए कोच कंडक्टर बीके गुप्ता को बताया कि उनका टिकट खो गया है। इस पर कोच कंडक्टर ने कहा कि वह अपनी बर्थ पर बैठ जाएं, आगे देख लेेंगे। ट्रेन चलने पर कोच कंडक्टर ने यात्री से कहा कि वह बिना टिकट हो गए हैं, चार हजार रुपये की रसीद बनवानी होगी। इस पर यात्री ने कहा कि वह एक हजार रुपये से अधिक नहीं दे सकते हैं। इस पर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। रविवार की रात ट्रेन रात 1.59 बजे झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर आकर रुकी। कोच कंडक्टर जबरन यात्री को कोच से उतारने लगा। मगर यात्री उतरने को तैयार नहीं था। ट्रेन 2:15 बजे चलने को हुई तो कोच कंडक्टर ने चेन पुलिंग कर दी। चेन पुलिंग की खबर पर आरपीएफ, जीआरपी, डिप्टी एसएस कामर्शियल व टिकट चेकिंग स्टाफ मौके पर पहुंच गया। वहीं, ट्रेन लेट होती देख कोच के अन्य यात्री हंगामा करने लगे। सहयात्री कोच कंडक्टर पर यात्री को बेवजह परेशान करने का आरोप लगा रहे थे। बाद में सहयात्रियों ने रुपये एकत्रित कर 3638 रुपये की रसीद बनवाई, तब ट्रेन 2.33 बजे गंतव्य के लिए रवाना हो सकी।
वहीं, झांसी में उतरे दतिया निवासी रवि खत्री व प्रमोद अदानी ने डिप्टी एसएस कामर्शियल के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि वह दोनों जनरल का टिकट लेकर पुष्पक एक्सप्रेस के बी वन कोच में सवार हुए थे। कोच कंडक्टर ने पंद्रह सौ रुपये लेने के बाद उन्हें बर्थ संख्या 5 व 6 एलाट कर दी, मगर झांसी आने के बाद भी उन्हें रसीद बनाकर नहीं दी।