झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति /जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम शक्तिपुत्र तोमर की अदालत ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति को धमकाने पर अभियुक्त को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने 10 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह व कपिल करौलिया ने बताया कि पूंछ के ग्राम बरौदा के निवासी आशाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। 13 मई 2012 को गांव का ही संदीप उर्फ पंडा उसके घर पर आया। वह नशे की हालत में था और हाथ में कुल्हाड़ी लिए हुए था। वह हत्या के एक मामले में राजीनामे का दबाव बनाने लगा। इसका विरोध करने पर उसने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त संदीप उर्फ पंडा को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अदालत ने अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई।