संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना नाराहट क्षेत्र के एक गांव से किशोरी का अपहरण करने के मामले में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट नवनीत कुमार भारती की अदालत ने दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
आठ वर्ष पूर्व एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 17 वर्षीय बेटी नौ दिसंबर 2017 को पिपरिया पाली स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ाई के लिए गई थी, लेकिन वह लौटकर नहीं आई। गांव के अवधेश यादव के बहकावे में आकर उसकी बेटी अपने साथ सोने की झुमकी, मंगलसूत्र, चांदी की पायलें और लगभग तीस हजार रुपये नकदी लेकर चली गई। जब उसने थाने में शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। जानकारी पर आरोपी के परिजन उस पर राजीनामा का दबाव बनाने लगे। पीड़ित की गुहार पर पुलिस अधीक्षक ने थाना पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए।
थाना नाराहट पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने विवेचना के दौरान दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा की वृद्धि करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि सोमवार को न्यायालय ने अवधेश कुमार को नाबालिग के अपहरण के मामले में दोषी पाते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई।