अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नाबालिग से छेड़खानी का आरोप सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने अभियुक्त कृष्णा कुशवाहा को तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, चिरगांव थाना अंतर्गत एक गांव की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि 3 सितंबर 2022 की रात वह अपनी नाबालिग पुत्री के साथ घर में सो रही थी। उसका पति बाहर रहकर प्राइवेट काम करता है। आधी रात को थाना लहचूरा के धवाकर गांव निवासी कृष्णा कुशवाहा चुपके से उसके घर में घुस आया। उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। बेटी के शोर मचाने पर उसकी नींद टूट गई। कृष्णा की हरकतें देखकर उसने भी शोर मचाया। यह देखकर कृष्णा जान से मार डालने की धमकी देते हुए भाग गया।
दूसरे दिन वह अपनी बेटी को लेकर उसके गांव में उलाहना देने पहुंची। यहां आरोपी के मां-बाप ने भी उसे धमकाया। वह अपनी नाबालिग बेटी को लेकर चिरगांव थाने पहुंची। चिरगांव पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की। दोेनों के बयान दर्ज कराए। इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत जिरह होने से कोर्ट ने कृष्णा कुशवाहा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।