झांसी। जिले में बेकाबू हो चुके कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव अब सामने आने लगे हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड ही नहीं बचे हैं, क्योंकि ज्यादातर वार्ड मरीजों से ठसाठस भरे हुए हैं। हालात ये हैं कि वार्ड में अतिरिक्त बेड डलवाने पड़े हैं। इसके अलावा कोरोना संदिग्ध गंभीर मरीजों को भर्ती करने वाला आईसीयू भी फुल हो गया है। अब मरीज आने पर डॉक्टरों को भर्ती करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने और मास्क न लगाने की वजह से झांसी में कोरोना बेकाबू हो गया है। साथ ही समय से पुलिस-प्रशासन द्वारा सख्ती न करने की वजह से भी यह हालात बन गए हैं। जब मामला हाथों से निकलने लगा तब जाकर बफर जोन घोषित किए गए। हालांकि, अब बेकाबू कोरोना का असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में चार तल बने हुए हैं। इसमें प्रथम तल पर सस्पेक्ट वार्ड है, जहां कोरोना के संदिग्ध मरीजों को रखा जाता है। यहां सभी 40 बेड जब भर गए तो बीच-बीच में और बिस्तर डलवाकर मरीजों को भर्ती करना पड़ा। दूसरी मंजिल पर बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को भर्ती किया जाता है। जबकि, तीसरे तल पर लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती किए जाते हैं। इन दोनों ही वार्डों में 40-40 बेड हैं। यह भी भर गए हैं। इसके अलावा चौथी मंजिल पर बने आईसीयू में संदिग्ध मरीजों को रखने वाला 10 बेड का वार्ड भर गया है। जबकि, 10-10 बेड के दो वार्डों में से एक में नौ और एक में छह मरीज भर्ती हैं। अब हालात ये हो गए हैं कि बृहस्पतिवार को कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला जब मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में आई तो उसे भर्ती करने के लिए बेड ही नहीं मिला। बाद में डॉक्टरों ने किसी तरह व्यवस्था कराकर उसे एडमिट किया।
ये है स्थिति
..............
सस्पेक्ट वार्ड: 40 बेड पूरे भरे
एसिम्टोमेटिक वार्ड: 40 बेड पूरे भरे
सिम्टोमेटिक वार्ड: 40 बेड पूरे भरे
एसिम्टोमेटिक आईसीयू: 10 बेड पूरे भरे
सिम्टोमेटिक आईसीयू: 10 बेड 9 भरे
सिम्टोमेटिक आईसीयू: 10 बेड 6 भरे