झांसी। शासन की मंशा हर घर को बिजली से रोशन करने की है, मगर विभागीय कर्मी गुमराह कर नई बस्तियों में आशियाना बनाने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन नहीं देते या फिर खंभा लगाने का खर्चा उपभोक्ता से मांगते हैं। परिणामस्वरूप लोगों को दलालों की मदद लेनी पड़ती है। इससे लोगों को विद्युत संयोजन तो मिल जाता है, मगर यह सुरक्षित नहीं होता है। जबकि नियम यह है कि एक साथ तीन या इससे अधिक लोग संयोजन लेने के लिए तैयार हो जाएं, तो विद्युत विभाग को नया खंभा लगाकर संयोजन देगा होगा।
नगर में लगातार नई बस्तियां बसती जा रही हैं। मगर उनके लिए विद्युत संयोजन लेना आसान नहीं है। नई बस्तियों में कुछ दूरी पर विद्युत खंभे तो होते हैं, मगर 40 मीटर से अधिक की दूरी बताकर संयोजन देने से मना कर दिया जाता है। यही कारण है कि नगर के बाहरी क्षेत्र में आने वाले डड़ियापुरा, केके पुरी कॉलोनी, खाती बाबा, शिवाजी नगर, सूती मिल, पंचवटी कॉलोनी आदि कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लोगों को दूर-दूर से बल्लियों के जरिए केबल डालकर बिजली का उपभोग करना पड़ रहा है। परंतु अब ऐसा नहीं होगा। किसी भी नई बस्ती में अगर कोई तीन या इससे अधिक लोग संयोजन एक साथ लेते हैं, तो विभाग एक नया खंभा व तार खींचकर उनको संयोजन उपलब्ध कराएगा, ताकि नए मकान भी बिजली से रोशन हो सकें।
इस संबंध में मुख्य अभियंता वितरण पीके जैन ने कहा कि अगर कोई नई कॉलोनी, मल्टी स्टोरी विकसित हुई हैं तो यह सुविधा वहां उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है। यह सुविधा केवल गलियों के रूप में विकसित होने वाले क्षेत्रों के लिए है। अगर तीन या इससे अधिक लोग एक साथ संयोजन लेते हैं तो विभाग की तरफ से एक नया खंभा व तार विभाग की तरफ से लगाए जा सकते हैं। इच्छुक लोग अपने क्षेत्र के अधिशासी अभियंता या अधीक्षण अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। अगर कोई परेशानी आती है तो उनसे भी मिला जा सकता है।