झांसी। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत मंडल को जड़ी-बूटियों का हब बनाया जाएगा। इसके लिए झांसी, ललितपुर, महोबा में नए कलस्टर बनाए जाने हैं। झांसी में बंगरा, रानीपुर एवं मऊरानीपुर जबकि ललितपुर में पाली को चयनित किया गया है। इनके जरिए वन्य क्षेत्रों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियां बड़े पैमाने पर जुटाकर उनको राष्ट्रव्यापी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वन्य क्षेत्रों में रहने वालों को भी वित्तीय मदद मिल सकेगी।
जड़ी-बूटियों के लिहाज से ललितपुर एवं झांसी को काफी समृद्घ माना जाता है लेकिन कोई सरकारी ईकाई इस दिशा में काम नहीं कर रही। इसी बीच केंद्र सरकार ने पीएम वन धन योजना आरंभ की है। इसके जरिए जड़ी-बूटी जुटाए जाने के साथ ही वन्य इलाकों के भीतर रहने वालों को आर्थिक मदद करने की योजना है। यूपी में झांसी मंडल भी इस योजना के तहत चयनित किया गया। प्रस्ताव के मुताबिक क्लस्टर बंगरा, रानीपुर एवं मऊरानीपुर में जड़ी-बूटी चुनने के लिए यहां रहने वालों को खास तौर से प्रशिक्षित किया जाएगा। अभी तक स्थानीय लोग इन जड़ी-बूटियों को चुनकर स्थानीय व्यापारियों को औने-पौने दाम में बेच दिया करते थे। लेकिन, इस योजना के जरिए ट्राइफेड के माध्यम से इनको राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जंगली इलाकों में शहद, गोंद, औषधीय छाल, मूसली जैसी तमाम जड़ी-बूटियां आसानी से उपलब्ध होती हैं। इनको ट्राइफेड के माध्यम से न सिर्फ राष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा बल्कि यहां रहने वालों को आर्थिक तौर पर मजबूत भी किया जाएगा।
बंगरा ब्लॉक में काम शुरू कराया गया है। जल्द ही रानीपुर, मऊरानीपुर में भी काम शुरू होगा। ललितपुर एवं जालौन को भी ईकाई बनाया जाएगा। इसके जरिए मंडल जड़ी-बूटियों के लिए हब बन सकता है।
पीएन त्रिवेदी
प्रभारी अधिकारी, पीएम वनधन योजना