three minister of bundelkhand in mp cabinet
झांसी। मध्यप्रदेश के शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में बुंदेलखंड क्षेत्र से तीन मंत्री बनाए गए हैं। इस तरह दो बार में बुंदेलखंड के हिस्से में कुल पांच मंत्री आए हैें। सागर जिले की रहली विधानसभा के विधायक गोपाल भार्गव और सागर से ही खुरई क्षेत्र के विधायक भूपेंद्र सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके पहले भी यह दोनों विधायक शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। इसके अलावा पन्ना जिले की पवई विधान सभा क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी दूसरी बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर व दमोह जिले को इस विस्तार में मायूसी हाथ लगी है।
पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह टीकमगढ़ जिले की खरगापुर सीट से विधायक हैं इन्हें भी मंत्री पद नहीं दिया गया है। उमा खेमे के ही माने जाने वाले जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, जो कि पहले भी मंत्री रह चुके हैं उन्हें भी सूची से बाहर कर दिया गया। निवाड़ी विधायक अनिल जैन शिवराज के खास माने जाते हैं पर इन्हें भी शिवराज इस बार के विस्तार में समायोजित नहीं कर सके। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि अनिल को निगम या मंडल के किसी पद से नवाजा जा सकता है।
गोविंद राजपूत व नरोत्तम मिश्रा पहले ही बुंदेलखंड कोटे से मंत्री बनाए जा चुके हैं। ग्वालियर चंबल संभाग से सिंधिया समर्थक इमरती बाई, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसौदिया, प्रभुराम चौधरी, राज्य वर्धन सिंह, रणवीर सिंह डंग समेत कुल नौ सिंधिया समर्थक विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। सिंधिया खेमे में दो मंत्री पहले ही बनाए जा चुके हैं, इस तरह कुल संख्या ग्यारह हो गई है। शिवराज सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई बैठक में मंत्रिमंडल में क्षेत्र, जाति व गुटीय संतुलन बनाए रखने का पूरा प्रयास किया गया।
नाराज उमा ने लिखा बड़े नेताओं को पत्र
मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल में न केवल उमा भारती समर्थक हरिशंकर खटीक बल्कि उनके भतीजे राहुल सिंह को भी जगह नहीं दी गई है। इस पर उमा ने पार्टी के बड़े नेताओं को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लिखा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्र व जातीय संतुलन की अनदेखी की गई है। इसके अलावा लोटस अभियान में प्रमुख भूमिका निभाने वाले संजय पाठक , मंदसौर विधायक यशपाल सिसौदिया, पूर्व मंत्री लालसिंह विसेन व रामपाल सिंह भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना सके हैं।