- निधन के बाद कृष्ण कुमार का शव परिजनों ने मेडिकल कॉलेज को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। निधन के बाद मेरा दाह संस्कार मत करना। देहदान कर देना। ताकि, शव मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के ज्ञानार्जन में काम आ सके। फिर वो विद्यार्थी आगे चलकर अच्छे डॉक्टर बन सकें। ये शब्द निधन से तीन दिन पहले बीएचईएल के कृष्ण कुमार सोनी ने अपने परिजनों से कहे थे। शुक्रवार को उनका निधन हुआ तो परिजनों ने शव मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंपकर उनकी अंतिम इच्छा पूरी की।
दूर संचार विभाग से सेवानिवृत्त कृष्ण कुमार सोनी (77) की तबीयत पिछले एक महीने से काफी खराब हो गई थी। उनका इलाज दिल्ली में चल रहा था। पांच दिन पहले ही परिजन उन्हें झांसी लेकर आए थे। उनके बेटे आनंद सोनी ने बताया कि दिल्ली में इलाज के दौरान 20 दिन पहले पिता ने कहा था कि वह मेडिकल कॉलेज को शवदान करना चाहते हैं। तीन दिन पहले उन्हाेंने फिर से ये इच्छा व्यक्त की। कहा कि जब उनकी मृत्यु हो जाए तो दाह संस्कार मत करना। शुक्रवार की शाम को पिता का निधन हो गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से संपर्क किया गया। उन्हें पिता की अंतिम इच्छा बताई। शनिवार को कॉलेज को पिता की देहदान कर दी।