अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नकल में बुक छात्र की पास की मार्कशीट बन जाने के प्रकरण की बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन जांच तक नहीं करा रहा है। मामला प्रकाश में आए दस दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद अब तक जांच समिति तक गठित नहीं हुई है।
बीयू से संबद्ध कॉलेज से बीए की पढ़ाई करने के लिए छात्र ने वर्ष 2007 में प्रवेश लिया था। 2009 में छात्र ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। बताया गया कि प्रथम वर्ष में हिंदी के द्वितीय विषय की परीक्षा देते समय छात्र को नकल करते पकड़ा गया। ऐसे में छात्र को अन फेयर मींस यानी यूएफएम में बुक कर दिया गया। उस विषय में छात्र के शून्य अंक होने के बावजूद प्रथम वर्ष की पास की मार्कशीट बन गई। इसी अंकतालिका के आधार पर दूसरे और फिर तीसरे वर्ष की मार्कशीट जारी हो गई। 2019 में छात्र को द्वितीय श्रेणी पास की डिग्री भी जारी कर दी गई। शिक्षा विभाग द्वारा सत्यापन कराने पर मामला खुल गया है। अमर उजाला ने भी 24 जनवरी के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 10 दिन बीत जाने के बावजूद बीयू प्रशासन अब तक इस प्रकरण में जांच समिति गठित नहीं कर पाया है। जबकि, बीयू में सत्यापन आदि के नाम पर लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।
वर्जन..
इस मामले में उप कुलसचिव से रिपोर्ट मांगी गई है। अब तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, तुरंत ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।